वित्तरहित शिक्षा कर्मियों ने जलायी ड्राफ्ट की प्रति, वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित
वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने नई शिक्षा नीति 2020 के ड्राफ्ट की प्रति को जलाया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने त्रुटियों को मानते हुए सुधार का आश्वासन दिया। मोर्चा ने 12 जून का महाधरना 20 जून तक स्थगित किया। नेता रघुनाथ सिंह सहित 1250 संस्थानों में ड्राफ्ट जलाया गया।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को नई शिक्षा नीति 2020 के लिए कक्षा नौवीं से 12वीं करने के लिए नियमावली के ड्राफ्ट की प्रति को शिक्षण संस्थानों में जलाया। इसके बाद मोर्चा के प्रतिनिधियों की माध्यमिक शिक्षा निदेशक के साथ वार्ता हुई। इसमें शिक्षा विभाग ने माना कि ड्राफ्ट में त्रुटियां हैं, उसे जल्द दूर किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने वित्तरहित संस्थाओं के लिए नियमावली के ड्राफ्ट में जो त्रुटियां थीं, उस संबंध में मोर्चा की सभी मांगों को सुना और इस पर सुझाव मांगा। उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। इसके बाद मोर्चा ने 12 जून को लोक भवन के सामने होने वाले महाधरने को 20 जून तक के लिए स्थगित कर दिया।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की प्रतिक्रिया
मोर्चा के अनुसार माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने माना है कि बहुत सी मांगे जायज है। इस पर गंभीरता से विचार कर इसमें सुधार किया जाएगा। सुरक्षा मनी बहुत ज्यादा बढ़ाया गया है। इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। 1000 वर्ग फीट के प्रयोग कक्ष भी बहुत ज्यादा लगता है। 600 वर्ग फीट में काम चल सकता है। शिक्षकों का कहना है कि यह वित्त रहित संस्थाओं को बंद करने की साजिश हो रही है। ये संस्थान विगत 25-30 वर्षों से चल रहे हैं।
मोर्चा के नेताओं का बयान
मोर्चा के नेताओं रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, चंदेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, अरविंद सिंह, गणेश महतो, फजलुल कादरी अहमद, मनीष कुमार ,नरोत्तम सिंह, संजय कुमार, मनोज तिर्की, विनय उरांव, मुरारी प्रसाद सिंह, रेशमा बेक ने कहा है कि राज्य भर के 1250 संस्थानों में 2026 के नियमावली के प्रारूप की प्रति को शिक्षक कर्मचारियों ने जलाया।
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