
संत जेवियर्स स्कूल में सीआईएससीई का प्रोजेक्ट शाइन शुरू
संत जेवियर्स स्कूल डोरंडा में काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) द्वारा प्रोजेक्ट शाइन की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। कक्षा 6 के...
रांची, वरीय संवाददाता। संत जेवियर्स स्कूल डोरंडा में काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) बोर्ड की ओर से प्रोजेक्ट शाइन की शुरुआत मंगलवार को हुई। इसके तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को लेकर विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। स्कूल के प्राचार्य फादर फुलदेव सोरेंग ने बताया कि प्रोजेक्ट शाइन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास मैं काफी सहायक होगा। देश भर से चुने हुए 300 स्कूलों में से रांची में सिर्फ सेंट जेवियर स्कूल डोरंडा में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। प्रोजेक्ट साइन के तहत पहले दिन कक्षा 6 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया, जिन्हें कक्षा 5 के वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए गए जो ऑनलाइन माध्यम से आयोजित हुआ।
प्राचार्य ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों में सीखने की क्षमता का आकलन करने, अभिभावकों की सहभाहिता बढ़ाने, शिक्षा के सशक्तिकरण को लेकर बोर्ड ने प्रोजेक्ट शाइन शुरू किया है। देशभर के हजारों स्कूलों में 300 स्कूल में पायलय प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत हुई है। इसमें रांची से हमारे स्कूल को चुना गया है, जो हमारे लिए हर्ष की बात है। क्या है प्रोजेक्ट शाइन प्राचार्य फादर फुलदेव सोरेंग और प्रोजेक्ट संयोजक डॉ संतोष कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट शाइन कक्षा 3, कक्षा 6 और कक्षा 9 के विद्यार्थियों के बीच आयोजित हो रहा है। इसके तहत बच्चों ने पिछली कक्षा में क्या पढ़ा, कितना सीखा इसका आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर उनके गुणातम्क शिक्षा की पहल की जाएगी। छात्रों को उनकी पछली कक्षा के हिसाब से एमसीक्यू प्रश्न ऑनलाइन दिए जा रहे हैं। कंप्यूटर लैब में ही इसे सॉल्व करना है। 10 अक्तूबर तक यह मूल्यांकन परीक्षा होगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




