वैवाहिक विवाद में सास और ननद को मिली अग्रिम राहत
गर्भवती महिला के परिजनों को रांची अदालत ने वैवाहिक विवाद मामले में बरी किया। आरोप है कि सास और ननद ने पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ाने और दोनों को अलग करने में भूमिका निभाई थी।

रांची, संवाददाता। आठ माह की गर्भवती महिला को उसके पति से अलग कराने और वैवाहिक विवाद में भूमिका निभाने के आरोप में नामजद सास और ननद को अदालत से राहत मिल गई है। अपर न्यायायुक्त-15 अमित शेखर की अदालत ने लोअर बाजार थाना कांड संख्या 68/2026 में आरोपी बबीता देवी और अर्चना देवी की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता का विवाह 14 जनवरी 2025 को अंकित पांडेय के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद पति उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता था। जब वह फोन करती थी तो पति बातचीत से बचता था और दूसरी शादी करने की बात कहता था।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने उससे तथा उसके रिश्तेदारों के माध्यम से 8 से 10 लाख रुपये नकद और विभिन्न लोगों के नाम पर ऋण भी लिया। प्राथमिकी में सास बबीता देवी और ननद अर्चना देवी पर पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ाने और दोनों को अलग करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया था।
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