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रांचीकोवैक्सीन की दूसरे डोज के लिए भटकते रहे लोग पर नहीं मिली

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Thu, 10 Jun 2021 09:40 PM
कोवैक्सीन की दूसरे डोज के लिए भटकते रहे लोग पर नहीं मिली

रांची। प्रमुख संवाददाता

राज्य सरकार वैक्सीनेशन के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है। पर, राजधानी रांची में ही गुरुवार को मरीजों को कोवैक्सीन की दूसरी डोज के लिए भटकना पड़ा। पर कहीं भी मरीजों को कोवैक्सीन की दूसरा डोज नहीं मिल सकी। कोविशील्ड की अवधि बढ़ने के बाद कोवैक्सीन की दूसरे डोज लेने वालों की संख्या अधिक थी। प्रतिदिन औसतन 300 लोगों को कोवैक्सीन की दूसरी डोज रांची में लगाई जा रही थी। वही 100 के करीब लोग ही कोविशील्ड की दूसरी डोज ले रहे हैं। गुरुवार को रांची जिले में कोवैक्सीन की डोज किसी को भी नहीं मिल सकी। रांची जिले के डीआरसीएचओ डॉ शशिभूषण खलखो ने बताया कि गुरुवार को कोवैक्सीन की डोज खत्म हो गई थी इसलिए किसी को भी गुरुवार को कोवैक्सीन का टीका नहीं दिया जा सका। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कोवैक्सीन रांची में उपलब्ध हो जाएगी। पड़ोसी जिले खूंटी से कोवैक्सीन मंगाई गई है।

पहली डोज लेने पहुंचे सभी को लगाई गई कोविशील्ड

रांची में शुक्रवार को पहली डोज लेने वाले सभी लोगों को कोविशील्ड का टीका लगाया गया। शुक्रवार को 5869 लोगों को पहली डोज लगाई गयी, वहीं 368 लोगों को दूसरी डोज लगायी गयी। पिछले 5 दिनों में रांची में दूसरी डोज लेने वालों की संख्या घट रही थी। चार जून को सबसे पहले 1279 लोगों ने दूसरी डोज ली थी। पांच जून को 1409, छह जून को 759, सात जून को 359 और आठ जून को 425 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई थी।

परेशान रहे लोग

करम टोली स्थित आई एम ए वैक्सीनेशन केंद्र दोपहर 12 से 1 बजे के बीच करीब 15 लोग एक घंटे में वापस लौट गए। यह सभी कोवैक्सीन की दूसरी डोज लेने पहुंचे थे। हरमू के रहने वाले 54 वर्षीय सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अगर वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी तो यह बात पब्लिक डोमेन में लानी चाहिए थी, यह भी बताना चाहिए था कि वैक्सीन कब से उपलब्ध हो जाएगी। वहीं रांची के पुलिस लाइन में भी दूसरी डोज लेने पहुंचे कई लोग निराश होकर लौट गए। अपनी पत्नी के साथ सीएमपीडीआई से पहुंचे अजीत सिन्हा ने कहा कि एक तो वैक्सीन लेने लोग पहुंच नहीं रहे हैं और पहुंचने पर अगर पता चले कि वैक्सीन है ही नहीं। उन्होंने कहा कि यह भी नहीं बताया जा रहा कि वैक्सीन कब उपलब्ध होगी बहुत असमंजस की स्थिति है।

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