सात को भाद्र पद पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष आरंभ
इस वर्ष भाद्र पद पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष की शुरुआत होगी। यह दिन पूर्ण चंद्रगहण के साथ मेल खाता है। लोग तर्पण के लिए संकल्प लेंगे और 15 दिनों तक पितरों को तर्पण दिया जाएगा। गयाजी में पितृपक्ष मेला 6...

रांची, वरीय संवाददाता। इसवर्ष भाद्र पद पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष आरंभ होगा। इसके आरंभ होने के दिन ही पूर्ण चंद्रगहण का योग है। हालांकि, इसके सूतक से पूर्व पितृपक्ष के पहले दिन का अनुष्ठान पूर्ण हो जाएगा। इस दिन रविवार को लोग दिन के एक बजे से पहले अगस्तार्घदान के साथ पितृपक्ष के तर्पण का संकल्प लेंगे। पूर्णिमा के साथ पूरे 15 दिन पितरों को तर्पण दे सकेंगे। मृत्यु की तिथि के अनुसार पक्ष की खास तिथि को तर्पण दिया जाता है। इसमें कुश के बने उपकरणों से तिल के साथ पूर्वजों को जल का तर्पण दिया जाता है। इधर, गयाजी में पितृपक्ष मेला 6 से 21 सितंबर तक चलेगा।
भारत में दृश्य खग्रास चंद्र ग्रहण आचार्य रामदेव पाण्डेय के अनुसार सात सितंबर, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रविवार को भारतीय समय अनुसार रात्रि 09:57 मिनट से प्रारंभ होकर रात्रि के 01:27 मिनट तक होने वाला खग्रास चन्द्र ग्रहण सम्पूर्ण भारत से दिखाई देगा। ग्रहण भारत के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत एशिया, यूरोप समेत कई देशों में दिखायी देगा। खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक मध्याह्न में 12:57 से प्रारंभ हो जाएगा। राशि और ग्रहण का प्रभाव मेष राशि- स्वास्थ्य हानि चिंता वृष राशि- मानसिक क्लेश चिंता मिथुन राशि- सफलता में सहायक कर्क राशि- अचानक धन लाभ सिंह राशि- व्यवसाय में व्यवधान कन्या राशि- शारीरिक कष्ट तुला राशि- व्यर्थ धन खर्च वृश्चिक राशि- राजनीतिक पद उन्नति धनु राशि- यात्रा का अवसर मकर राशि- पारिवारिक विवाद कुम्भ राशि- घनिष्ठ मित्र से छल मीन राशि- सौख्य समृद्धि कारक
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




