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पाबंदी : झारखंड में पान मसाला नहीं बिकेगा

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को एनटीसीपी (नेशनल टुबैको कंट्रोल प्रोग्राम) की राज्यस्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए निहित प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए एंटी टुबैको स्क्वायड को सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में आने वाले सभी पान मसाला एवं तम्बाकू की दुकानों को हटाएं। 

मुख्य सचिव ने कहा कि झारखंड में तम्बाकू सेवन करने वालों की तादाद अन्य प्रदेशों से कहीं ज्यादा है। इससे संबंधित होने वाली बीमारियों की जद में एक बड़ी आबादी आ रही है। पान मसाला पर बैन लगाने के लिए कैबिनेट में संकल्प लाने का भी निर्णय लिया गया। 

समन्वय समिति की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिलों में गठित एंटी टुबैको स्क्वायड को सक्रिय बनाया  जाये। जिन-जिलों में इसका गठन नहीं हुआ है, वहां गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। जागरुकता के लिए राजनीतिज्ञों और कानूनविदों को गंभीर भूमिका निभानी होगी। 

तम्बाकू नियंत्रण के लिए मांग में कमी के लिए जागरुकता कार्यक्रम और आपूर्ति पर नियंत्रण के लिए प्रावधानों का पालन हो। तम्बाकू एवं धूम्रपान का प्रचार प्रसार जिस प्रकार कंपनियों द्वारा किया जा रहा है, उस पर बैन लगाया जाना चाहिए।

कानूनी प्रावधानों के अनुसार दुकानदारों के अलावा सार्वजनिक स्थलों, सरकारी एवं गैर सरकारी दफ्तरों में कंपनियों/मालिकों अथवा भू स्वामियों को सफेद पृष्ठभूमि का बोर्ड लगाना अनिवार्य है। बैठक में स्वास्थ्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, केएन झा समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 

आधी आबादी करती है तंबाकू का सेवन

ग्लोबल अडल्ट टुबैको सर्वे के अनुसार राज्य में 50.1 प्रतिशत आबादी तम्बाकू का सेवन करती है, जिसमें 63.6 प्रतिशत पुरुष और 35.9 प्रतिशत महिलाएं हैं। असम एवं महाराष्ट्र सरकार ने विधेयक पारित कर पान मसाला एवं तम्बाकू को प्रतिबंधित कर रखा है।  

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  • Web Title: Pan masala will not sell in state