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7 जुलाई, 2020|2:56|IST

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मनरेगा में एक रुपए मजदूरी बढ़ना गलत: ज्यां द्रेज

मनरेगा में केवल एक रुपए दैनिक मजदूरी बढ़ाए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मनरेगा वाच के अधिवेशन में नाराजगी जताई। सभी ने कहा कि न्यूनतम दैनिक मजदूरी और मनरेगा की मजदूरी में किसी भी हाल में अंतर नहीं होना चाहिए। दो दिवसीय यह अधिवेशन नामकुम के बागइचा में शुरू हुआ है। मनरेगा वाच के अधिवेशन को संबोधित करते हुए अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। यह केवल रोजगार सृजन का ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक बदलाव का भी अवसर देता है। मनरेगा के द्वारा महिलाओं को मौक़ा मिला है कि वे घर से बाहर आएं। उन्होंने कहा कि झारखंड को नरेगा से बहुत फायदा मिल सकता है, लेकिन बिचौलियों के कारण यह अवसर नहीं मिल पा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता बलराम ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया की मर्यादा का खयाल रखना चाहिए। सामाजिक अंकेक्षण में ग्राम सभा को एक सतत प्रकिया के तहत शामिल करना चाहिए। जिला सुनवाई के बाद हर हाल में 15 दिन के बाद कारवाई होनी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सामाजिक अंकेक्षण में लोगों का विश्वास घट जाएगा। मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा के क्रियान्वयन में बहुत सारी गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के चयन में कई जगह बिचौलिए हावी थे। गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार अलग प्रक्रिया पर काम कर रही है।

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  • Web Title:one rupee wage increase in mgnarega is wrong