क्लस्टरिंग व्यवस्था को किया जाए निरस्त : एनएसयूआई
रांची में एनएसयूआई ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विश्वविद्यालयों में पुनर्गठन और क्लस्टरिंग व्यवस्था का विरोध किया। उपाध्यक्ष अमन अहमद ने इसे राज्य की उच्च शिक्षा और छात्रहित के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि क्लस्टरिंग से छात्रों की विषय चयन की स्वतंत्रता कम होगी और जनजातीय भाषाओं की सुरक्षा को खतरा है।

रांची, विशेष संवाददाता। एनएसयूआई ने राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों में पुनर्गठन व क्लस्टरिंग व्यवस्था का विरोध किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद ने इसे राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था, छात्रहित, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं तथा सामाजिक न्याय के विरुद्ध बताया। उन्होंने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को विरोध-पत्र सौंपकर कहा कि यह व्यवस्था झारखंड के लिए सही नहीं है। अहमद बोले, वर्तमान व्यवस्था में एक ही कॉलेज में कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय उपलब्ध रहने से छात्रों को विषय चयन की स्वतंत्रता मिलती है। लेकिन क्लस्टरिंग में कॉलेजों को एक विशेष संकाय तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभागों को सुरक्षित रखने, शिक्षकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने व किसी भी नई व्यवस्था से पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षाविदों से व्यापक विमर्श करने की मांग की गई।
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