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एनआईए ने भाकपा माओवादियों से जुड़े केस में दो पर की चार्जशीट

एनआईए ने झारखंड में सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने से संबंधित मामले में दो माओवादियों अघनु गंझू उर्फ ​​अग्नु गंझू और खुदी मुंडा के खिलाफ आरोप...

एनआईए ने भाकपा माओवादियों से जुड़े केस में दो पर की चार्जशीट
हिन्दुस्तान टीम,रांचीThu, 23 May 2024 02:30 AM
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रांची, मुख्य संवाददाता। एनआईए ने झारखंड में सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने से संबंधित मामले में दो माओवादियों अघनु गंझू उर्फ ​​अग्नु गंझू और खुदी मुंडा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। दोनों को आईपीसी, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर आरोप पत्र में नामित किया गया है। माओवादियों के द्वारा पुलिस बलों पर हमला करने की साजिश रचने से जुड़े केस में अबतक 31 लोगों पर चार्जशीट दायर की जा चुकी है। झारखंड पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों पर चार्जशीट दायर की थी। ईडी ने केस टेकओवर करने के बाद अगस्त और दिसंबर 2023 के बीच 20 अन्य के खिलाफ तीन पूरक आरोपपत्र दायर किए थे।

क्या है मामला

प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के कैडरों ने अपने शीर्ष कमांडर प्रशांत बोस की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए बॉक्साइट माइंस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमले को अंजाम देने की साजिश रची थी। जून 2022 में रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू के नेतृत्व में सक्रिय कैडर बलराम उरांव, मुनेश्वर गंझू और 45-60 अन्य कैडर के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों पर हमले को अंजाम देने के लिए बुलबुल, लोहरदगा, झारखंड के जंगली इलाके में इकट्ठे हुए थे। साजिश की भनक लगने पर स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था। बहाबर जंगल के रास्ते, हरकट्टा टोली और बांग्ला पाट में सुरक्षा बलों पर सीपीआई (माओवादी) कैडरों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद इलाके की तलाशी में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। एनआईए की जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों ने आतंकवादी और हिंसक कृत्यों और सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा, संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने और सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों, जोनल कमांडर, सब-जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और सशस्त्र कैडरों के खिलाफ एनआईए द्वारा एकत्र किए गए विश्वसनीय सबूतों से अन्य सीपीआई (माओवादी) कैडरों और ओवरग्राउंड समर्थकों की मिलीभगत का भी पता चला है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि मामले में जांच जारी है, साथ ही एनआईए नक्सली नेटवर्क को नष्ट करने और संगठन की भारत विरोधी साजिश को नाकाम करने का प्रयास कर रही है।

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