चाचा को जिंदा जलाने के आरोपी भतीजा को बेल नहीं
रांची में अंधविश्वास के चलते भतीजे अनिल भगत ने अपने चाचा सारू भगत को जिंदा जला दिया। चाचा पर जादू टोना करने का आरोप था। अपर न्याययुक्त शैलेंद्र कुमार ने अनिल की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला लापुंग थाना क्षेत्र के अरमालटदाग गांव का है।

रांची, विशेष संवाददाता। अंधविश्वास (डायन बिसाही के शक) में बुजुर्ग चाचा को जिंदा जलाकर मारने का आरोपी भतीजा अनिल भगत को बेल नहीं मिली है। अपर न्याययुक्त शैलेंद्र कुमार की कोर्ट ने उनकी गुरुवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला लापुंग थाना क्षेत्र के अरमालटदाग गांव का है। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी अनिल भगत के बेटे की मौत किसी बीमारी के कारण 18 नवंबर 2025 को मौत हो गई थी। अनिल भगत के चाचा सारू भगत पर जादू टोना करने का आरोप लगाया गया था। डर से सारू भगत के परिजन उन्हें घर में बंद कर धान काटने खेत चले गए थे।
तभी अनिल भगत घर पहुंचा और उसने चाचा के साथ मारपीट की। इस दौरान उसने पेट्रोल छिड़क कर उसे आग लगा दी थी, जिससे उसकी मौत गई थी। मामले को लेकर मृतक की पत्नी के बयान पर लापुंग थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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