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असंवैधानिक रूप से कार्य करते हुए बदली जा रही है जमीन की प्रकृति : मालतो

असंवैधानिक रूप से कार्य करते हुए बदली जा रही है जमीन की प्रकृति : मालतो

संक्षेप:

रांची में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कंफेडरेशन के महासचिव विक्टर मालतो ने कहा कि संसद ने अनुच्छेद 243 जेडसी 3 के तहत नगर पालिकाओं के प्रावधानों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार नहीं किया है, जिससे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और झारखंड के ग्राम प्रधान शामिल हुए।

Tue, 2 Dec 2025 07:25 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, वरीय संवाददाता। इंडियन कंफेडरेशन ऑफ इंडिजिनियस एंड ट्राइबल पीपुल्स नई दिल्ली द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हुई। आयोजन डॉ कामिल बुल्के पथ स्थित एसडीसी सभागार में किया गया। मुख्य वक्ता कंफेडरेशन के महासचिव विक्टर मालतो ने कहा कि संसद ने अनुच्छेछ 243 जेडसी 3 के आलोक में आज तक नगर पालिकाओं के प्रावधानों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार नहीं किया है। इस प्रकार अनुसूचित क्षेत्रों में नगर पालिकाओं के प्रावधान असंवैधानिक रूप से कार्य करते हुए हमारी जमीन की प्रकृति बदलते हुए हमें संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। अध्यक्षता करते हुए एम सीमाचल ने बताया कि कार्यशाला में भारत के विभिन्न अनुसूचित क्षेत्र वाले राज्यों से प्रतिनिधि शामिल हुए।

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साथ ही झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों से भी मान्यता प्राप्त ग्राम प्रधान बुद्धिजीवी वर्ग शामिल हुए। जिन्हें बताया गया कि भारत के संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 एम 1 व 243 जेडसी के द्वारा क्रमश: पंचायत राज व्यवस्था ओर नगर पालिका की स्थापना पर संवैधानिक रोक है। जिसके बाद सांसद ने अनुच्छेद 243 एम, 4बी के तहत एक विशेष अधिनियम पारित किया। जिसमें पंचायतों के उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम 1996 के नाम से जाना जाता है। बताया, इस अधिनियम के उपबंध अनुसूचित 4, 4-ओ व 4 एम के अनुपालन में जिला स्तर पर स्वशासी परिषद और निचले स्तर पर ग्रामसभा के स्थान के लिए सरकार अविलंब अधिसूचना जारी करे। प्रावधानों के संशोधन या हटाने की समय सीमा एक साल रखी गई थी, जो समाप्त हो चुकी है। मौके पर जेवरा मुचाहरी, डॉ बेलाराम गोगरा, नाबोर एक्का, प्रभाकर कुजूर, ममता पोया, डॉ रीणा गॉड शोरा, माईकल मरांडी सहित अन्य उपस्थित थे।