खनिज गवेषण में जल संसाधन प्रबंधन के लिए गहन शोध जरूरी
रांची में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में खनिज खोज के दौरान सतत खनन और जल संसाधन प्रबंधन पर अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कोयला मंत्रालय के अपर सचिव ने बताया कि यह सेमिनार खनन क्षेत्र में...

रांची, संवाददाता। खनिज गवेषण के दौरान सतत खनन और जल संसाधन प्रबंधन पर गहन शोध और नए विचारों की जरूरत है। यह सेमिनार खनन के पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मूल्यवान साबित होगा। इससे निकलने वाले परिणामों और सर्वोतम प्रथाओं को खनन क्षेत्र में शामिल और कार्यान्वित किया जाएगा। ये बातें शनिवार को कोयला मंत्रालय के अपर सचिव रूपिंदर बराड़ ने सीएमपीडीआई में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि कही। वे कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) से शामिल हुए। यह आयोजन सीएमपीडीआई और सोसाइटी ऑफ जियो-साइंटिस्ट्स झारखंड (एसजीएसजे) द्वारा किया गया। सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार बोले, आज का सेमिनार झारखंड की खनिज संपदा के साथ देश में स्थित खनिज सम्पदा की खोज के लिए उन्नत तकनीक अपनाने और हालिया रुझानों और तकनीकों के माध्यम से भूजल प्रबंधन पर नवीन दृष्टिकोण पर चर्चा करने का एक बड़ा अवसर होगा। सेमिनार में 6 की-नोट सहित कुल 22 तकनीकी पेपर प्रस्तुत किए गए और जीएसआई, एनटीपीसी, अदानी, सेल, एमईसीएल, रांची विश्व विद्यालय, सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी और झारखंड, आईआईटी-आईएसएम, धनबाद के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मौके पर झारखंड पुलिस के एडीजी (ऑपरेशन) संजय ए. लाठकर, सीएमपीडीआई के तकनीकी निदेशक अजय कुमार, सतीश झा, जीएसआई-कोलकाता के उप महानिदेशक सुदीप भट्टाचार्य, एमटीसीएस के शांतो मुखर्जी आदि मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


