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झारखंड में कृषि भूमि और पशुधन बचाने के लिए आंदोलन होगा करेगा

अखिल भारतीय भूमि अधिकार आंदोलन की बैठक गुरुवार को रांची सीपीआई (एम) कार्यालय में हुई। इसमें 29 और 30 जून को थियोसोफिकल सोसायटी में होनेवाले भूमि अधिकार आंदोलन के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई। इस आंदोलन में देशभर से 450 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसकी अध्यक्षता राजेन्द्र सिंह मुंडा ने की। इस बैठक में वक्ताओं ने भूमि अधिकार आंदोलन को किसानों, दलितों और आदिवासियों एवं ग्रामीण जनता का मंच बताया। बैठक में कॉरपोरेट घरानों के लिए जमीन लूट को आसान बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को संशोधित करने की साजिश और उसके खिलाफ संघर्ष की चर्चा की गई। किसान, दलित और मजदूरों की एकजुटता से ही भूमि लूट को रोका जा सकता है। बैठक में पशुपालन पर किए जा रहे हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पशुओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाना किसानों पर हमला है। पशुपालन से किसानों को 30 प्रतिशत की आमदनी होती है। बैठक में करतन टोपनो, सुरजीत सिन्हा, सुसम बिरौली, जेरोम जेराल्ड मिंज, राजू बिरौली, डा सुनीता, दयामनी बारला और बासवी किंडो समेत कई लोग उपस्थित थे।

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  • Web Title:Movement to save agricultural land and livestock