एयरपोर्ट में आणविक विकिरणों से निपटने का किया अभ्यास
रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर तीन दिवसीय सीबीआरएन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। एनडीआरएफ ने इस अभ्यास का संचालन किया, जिसका उद्देश्य हानिकारक पदार्थों से आपात स्थिति में निपटने की प्रक्रिया का परीक्षण करना था। विभिन्न एजेंसियों ने इसमें भाग लिया और सुरक्षा प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।

रांची, वरीय संवाददाता। बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची में चल रहे तीन दिवसीय सीबीआरएन (रासायनिक, जैविक, रेडियो धर्मिता व आणविक) प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एक मॉक अभ्यास किया गया। शुक्रवार को यह अभ्यास नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम की ओर से किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मिता व आणविक जैसे हानिकारक पदार्थों से आपात स्थिति में निपटना था, ताकि जान-माल का नुकसान नहीं हो। इस मॉक अभ्यास का उद्देश्य किसी संभावित सीबीआरएन आपदा की स्थिति में हवाई अड्डा प्रबंधन तथा विभिन्न संबंधित एजेंसियों की तत्परता, समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था।
अभ्यास के दौरान संभावित आपदा की एक काल्पनिक स्थिति का निर्माण कर उससे निपटने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। मॉक अभ्यास में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, एयरलाइंस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली का अभ्यास किया गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


