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25 जनवरी, 2020|2:41|IST

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सोनिया के साथ बैठक में आज तय होंगे मंत्रियों के नाम

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झारखंड में कांग्रेस के सभी 16 विधायकों की शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक होगी। इसी बैठक में कांग्रेस कोटे के अन्य मंत्रियों के नाम तय किए जाएंगे। बैठक में शामिल होने के लिए झारखंड से कांग्रेस के सभी विधायक प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव व विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के नेतृत्व में गुरुवार शाम दिल्ली पहुंच गए हैं। शुक्रवार को सोनिया गांधी के आवास पर सुबह 10 बजे यह बैठक होगी।

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की पार्टी के नव निर्वाचित विधायकों से यह पहली मुलाकात होगी। इसमें वे विधायकों के अनुभ‌वों को जानेंगी और झामुमो और राजद के साथ तालमेल कर सरकार चलाने के लिए टास्क भी देंगी। इस बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह भी मौजूद रहेंगे।

विधायकों के साथ बैठक के बाद कांग्रेस कोटे से संभावित तीन मंत्रियों के नाम लेकर आरपीएन सिंह 18 जनवरी को रांची आयेंगे। यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस व राज्द नेताओं साथ उनकी बैठक होगी। इसमें मंत्रिपरिषद के विभागों का बंटावारा होगा। इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार के लिए राजभवन से समय लिया जाएगा। ऐसे में संभावना जतायी जा रही है कि 19 जनवरी को संभव नहीं होने पर 21 जनवरी या फिर इसके बाद कैबिनेट का विस्तार हो सकेगा।

बन्ना, बादल और ममता मंत्री पद की दौड़ में

कांग्रेस कोटे से तीन और मंत्री बनने की संभावना है। इसमें जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक बन्ना गुप्ता, जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख और रामगढ़ विधायक ममता देवी महिला मंत्री के रूप में रेस में आगे हैं। बन्ना गुप्ता जहां कोल्हान प्रमंडल, बादल पत्रलेख संताल परगना और ममता देवी उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल से मंत्री बन प्रतिनिधित्व करेंगी। संताल से आलमगीर आलम और दक्षिणी छोटानागपुर से डॉ रामेश्वर उरांव पहले ही मंत्री बन चुके हैं। संताल से अगर बादल पत्रलेख की जगह महिला मंत्री के रूप में दीपिका पांडेय सिंह को मौका मिलता है तो उत्तरी छोटानागपुर से राजेंद्र प्रसाद सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है।

झारखंड प्रभारी से मिले विधायक

कांग्रेस के विधायक दिल्ली पहुंचने के बाद पार्टी के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेनुगोपाल से मुलाकात की। विधायकों ने मंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी भी पेश की। मंत्री पद के लिए आरपीएन सिंह की अनुशंसा महत्वपूर्ण होगी, जिस पर आलाकमान अंतिम निर्णय लेगा। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चार दिनों के दिल्ली प्रवास के दौरान मंत्री पद की सीटों और विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका था। उनके और कांग्रेस नेताओं के बीच किसानों से किये गये ऋण माफी के वादे और धान खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2500 देने पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई करने की सहमति बनी थी।

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  • Web Title: Ministers names will be decided today in a meeting with Sonia