
रिम्स में 50 लाख से अधिक की मेडिकल सामग्री हुई एक्सपायर
रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में लाखों रुपए की मेडिकल सामग्री, जो कोविड-19 के दौरान खरीदी गई थी, एक्सपायर हो गई है। अस्पताल में आवश्यक सामान की कमी के कारण मरीजों को बाहर से कैनुला और कैथेटर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह लापरवाही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है।
रांची, संवाददाता। रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मेडिकल सामग्री को लेकर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्राइवेट वार्ड के निचले तल में बने स्टोर में रखी गई लाखों रुपए की दवाएं और इलाज में इस्तेमाल आने वाले जरूरी सामान एक्सपायर (अवधिपार) हो चुके हैं। शुरुआती आकलन में पता चला है कि 50 लाख रुपए से अधिक की मेडिकल सामग्री अब उपयोग के लायक नहीं रह गई है। खबर के अनुसार इसमें कैनुला, कैथेटर, सक्शन सेट, नेब्युलाइजर सेट, एचआईवी जांच किट सहित कई तरह के जरूरी मेडिकल सामान शामिल हैं। ये महत्वपूर्ण सामग्री मरीजों के उपचार में रोजाना इस्तेमाल में आती है।
हैरान करनी वाली बात यह है कि राज्य के सबसे बड़े इस सरकारी अस्पताल में एक्सपायर हो चुकी मेडिकल सामग्री में अधिकतर सामान की कोविडकाल यानी 2021 के दौरान खरीदारी की गई थी। उस समय महामारी से निपटने के लिए रिम्स ने भारी मात्रा में मेडिकल कंज्यूमेबल्स और उपकरण की खरीदारी की थी। लेकिन सही से मॉनिटरिंग और स्टॉक रोटेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण ये सामान वर्षों तक स्टोर में बंद पड़े रहे और समय सीमा समाप्त होने पर बेकार हो गए। इधर, एक्सपायर हुए कैनुला कैथेटर, मरीज बाहर से लाने को मजबूर रिम्स प्रबंधन की इस लापरवाही का खामियाजा आज भी मरीजों को उठाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से हमेशा दावा किया जाता है कि कैनुला, कैथेटर, नेब्युलाइजर सेट और एचआईवी किट जैसे सामान अस्पताल में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद हर दिन मरीजों को बाहर से आसानी से कैनुला कैथेटर, एचआईवी किट सहित अन्य की खरीदारी करने को परिजन मजबूर हैं। ये मरीज निम्न आय वर्ग के होते हैं। अधिकतर को उधारी लेकर भी इन सब किट को खरीदने की मजबूरी होती है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि अस्पताल के दावों पर भी सवाल उठते हैं। नए सर्वर रूम बनने के कारण सामने आया मामला जिस जगह इन एक्सपायर सामग्री को रखा गया था, उसी स्थान पर अब रिम्स का नया सर्वर रूम तैयार किया जाना है। इसी कारण स्टोर को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो भारी मात्रा में एक्सपायर सामान का खुलासा हुआ। अब इन उपयोगहीन मेडिकल सामग्रियों को ऊपर के फ्लोर में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि सर्वर रूम का निर्माण कार्य शुरू हो सके। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर रिम्स पहले से ही सवालों के घेरे में है। ऐसे में भारी मात्रा में सामान के एक्सपायर हो जाने ने प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है बल्कि मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसा कृत्य भी उजागर हुआ है।

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