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19 जनवरी, 2021|4:31|IST

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जनजातीय किसानों द्वारा उत्पादित मधु सरकार ब्रांडिंग कर बेचेगी

जनजातीय किसानों द्वारा उत्पादित मधु सरकार ब्रांडिंग कर बेचेगी

झारखंड सरकार जल्द ही अपने उत्पाद को ब्रांड नाम देकर बाजार में उतारेगी। कल्याण विभाग द्वारा संचालित झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) जनजातीय इलाकों में उत्पादित मधु को बाहा (मुंडारी शब्द हिंदी अर्थ फूल) हनी ब्रांड के नाम से बाजार में उतारने जा रही है।

मई, 2019 में जेटीडीएस द्वारा मिट्टी क्रांति के तहत 500 जनजातीय परिवारों के साथ मधु पालन शुरू किया गया था। प्रारंभिक चरण में रांची, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार को चुना गया। इसमें वैसे लोगों को मधु पालन से जोड़ा गया, जिन जनजातीय युवाओं के पास वैकल्पिक आय के साधन नहीं थे। इसके बाद दूसरे फेज में गुमला को शामिल किया गया। कुल मिलाकर 750 परिवारों को इस व्यवसाय से जोड़ा गया है। इन्हें रामकृष्ण मिशन के सहयोग से 15 दिनों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक लाभुक को पांच-पांच बॉक्स दिए गए और मधु निकालने के लिए 50 शहद निकालने की मशीन भी दी गई हैं। अब 150 मिट्रिक टन प्रति वर्ष मधु उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इन उत्पादों को उचित मूल्य में अपने ब्रांड से बेचा जाएगा।

किसान उत्पादक समूह के नाम से कंपनी होगी निबंधित :

जनजातीय समुदाय को बाजार व मार्केटिंग से जोड़ने के लिए किसान उत्पादक समूह द्वारा कंपनी स्थापित की जाएगी। इसका कार्य होगा मधु पालन के अलावा 14 ट्राइबल सब जिला के जनजातीय किसानों के उत्पाद को बाजार देना। इसमें भी जनजातीय लोगों को ही जोड़ा जाएगा। सिर्फ सहयोग के लिए मार्केटिंग के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसका मुख्य कार्यालय रांची के मोरहाबादी में होगा। जबकि अन्य शाखा कार्यालय सभी सब प्लान जिलों के प्रखंडों में होंगे।

कोट :

जल्द ही बाहा हनी के नाम मधु का ब्रांड बाजार में उतारा जाएगा। जनजातीय उत्पादों को बाजार देने के लिए किसान उत्पादक समूह द्वारा कंपनी भी स्थापित की जाएगी, जिसमें तकनीकी सलाहकार भी नियुक्त होंगे।

भीष्म कुमार, राज्य परियोजना निदेशक, जेटीडीएस, झारखंड सरकार

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  • Web Title:Madhu Sarkar produced by tribal farmers will sell by branding