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बड़े भाई की हत्या के जुर्म में दो भाईयों और उनकी पत्नियों को उम्र कैद

हिन्दुस्तान टीम,रांचीNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 09:40 PM
बड़े भाई की हत्या के जुर्म में दो भाईयों और उनकी पत्नियों को उम्र कैद

रांची। संवाददाता

बड़े भाई की हत्या के जुर्म में दो छोटे भाइयों और उनकी पत्नियों को अदालत ने दोषी पाकर उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही चारों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त एक साल की सजा काटनी होगी। अपर न्यायायुक्त आरके मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को दोषी करार अभियुक्तों गुनु उरांव, उसकी पत्नी सुनिता देवी, आशीष उरांव और उसकी पत्नी सुकरमनी देवी को उम्र कैद की सजा सुनाई।

सुकरमनी देवी घटना के बाद से ही लगातार जेल में है। चारों पर बड़े भाई विजय उरांव की घर में ही मामूली विवाद पर लाठी, डंडे एवं कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने का आरोप था। इस घटना को लेकर मृतक की पत्नी सरिता देवी ने 10 अक्तूबर, 2016 को मैक्सलुक्सीगंज थाना में कांड संख्या 37/2016 के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। मामले के एपीपी एसके मंडल ने बताया कि जोभिया (भूतहीटोली) गांव निवासी मृतक विजय अपने मंझला भाई गानु उरांव की बेटी को शाम के समय खेला रहा था। जिस पर परिवार में बाता-बाती होने लगी। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मारपीट होने लगी। फिर अभियुक्तों ने एक मत होकर अपने बड़े भाई पर प्रहार किया। सुकरमनी देवी ने घर में पड़ी कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार किया। जिससे उसकी मौत हो गयी। मामले में अभियोजन की ओर से नौ गवाहों को प्रस्तुत किया गया था।

मां के साथ डेढ़ साल का बच्चा भी गया जेल:

सजायाफ्ता सुनिता देवी अपने साथ डेढ़ साल के बेटे के साथ जेल गयी। निर्दोष मासूम बच्चा को पता नहीं कितने दिनों तक मां के साथ जेल में रहना पड़ेगा। घटना के बाद जमानत पर जेल से बाहर निकली तब वह मां बनी है। सजा के बिन्दु पर सुनवाई के दौरान मासूम अपने मां के गोद में रो रहा था। हालांकि, सजायाफ्ता के मासूम बच्चे की देखरेख जेल प्रशासन द्वारा की जाती है। लेकिन बच्चे को बाहर की दुनिया से मोहताज रहना पड़ेगा।

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