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रांची

फिजिकल कोर्ट पर वकीलों की एक राय नहीं

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Sat, 24 Oct 2020 08:50 PM
फिजिकल कोर्ट पर वकीलों की एक राय नहीं

हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई को लेकर अब वकील भी अलग अलग गुट में बंट रहे हैं। कुछ का मानना है कि वर्चुअल और फिजिकल दोनों कोर्ट एक साथ चलना संभव नहीं है। कोर्ट की सुनवाई या तो वर्चुअल या फिजिकल होनी चाहिए। जबकि कुछ वकीलों का मानना है कि सिर्फ फिजिकल कोर्ट ही चलना चाहिए।

झारखंड हाईकोर्ट ने फिजिकल कोर्ट शुरु करने की तैयारी को लकेर शनिवार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने वकीलों से विकल्प मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि लंबित मामले में दोनों पक्ष यदि फिजिकल सुनवाई चाहते हैं तो उन्हें इसका उल्लेख कर मेंशन स्लीप देना होगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति अनिवार्य होगी। दो नंबर से दायर होने वाले नए मामलों में अधिवक्ताओं को यह बताना होगा कि कि वह अपने मामलों की सुनवाई वर्चुअल चाहते या हैं या फिजिकल कोर्ट में।

हाईकोर्ट के कई वकीलों का कहना है कि राजस्थान समेत कई राज्यों में वर्चुएअल कोर्ट बंद कर फिजिकल कोर्ट शुरु किया गया है। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग और एहतियात बरता जा रहा है।राज्य में सभी कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ काम शुरु हो गया है ऐसे में हाईकोर्ट को भी पूरी तरह फिजिकल किया जा सकता है।

जबकि कुछ वकीलों का कहना है कि दोनों तरह से सुनवाई करने में कई परेशानी आ सकती है। किसी मामले में यदि एक वकील वर्चुअल और दूसरा फिजिकल कोर्ट में सुनवाई करने की बात कहता है तो इससे दिक्कत आ सकती है। इस कारण हाईकोर्ट को दोनों तरह से कोर्ट चलाना आसान नहीं होगा।

उधर झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है। एसोसिएशन दुर्गापूजा के बाद सभी सदस्यों से राय लेने के बाद इस पर अपना पक्ष रखेगा।

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