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बूढ़ापहाड़ में लैंड माइंस ब्लास्ट, सात शहीद

बूढ़ापहाड़ में लैंड माइंस ब्लास्ट, चार शहीद

1 / 3बूढ़ापहाड़ में भाकपा माओवादियों के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों के चार जवान शहीद हो गए। मंगलवार की देर शाम झारखंड जगुआर के 112 बटालियन और झारखंड जगुआर के एसाल्ट ग्रुप 40 अभियान खत्म कर बूढ़ापहाड़ से...

बूढ़ापहाड़ में लैंड माइंस ब्लास्ट, चार शहीद

2 / 3बूढ़ापहाड़ में भाकपा माओवादियों के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों के चार जवान शहीद हो गए। मंगलवार की देर शाम झारखंड जगुआर के 112 बटालियन और झारखंड जगुआर के एसाल्ट ग्रुप 40 अभियान खत्म कर बूढ़ापहाड़ से...

बूढ़ापहाड़ में लैंड माइंस ब्लास्ट, चार शहीद

3 / 3बूढ़ापहाड़ में भाकपा माओवादियों के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों के चार जवान शहीद हो गए। मंगलवार की देर शाम झारखंड जगुआर के 112 बटालियन और झारखंड जगुआर के एसाल्ट ग्रुप 40 अभियान खत्म कर बूढ़ापहाड़ से...

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04 जवान बुरी तरह घायल हुए मुठभेड़ में
03 दिन से इलाके में चल रहा था अभियान
01 सौ किलोमीटर दूर है गढ़वा से घटनास्थल

नक्सली मुठभेड़
सीआरपीएफ और जगुआर के जवान थे अभियान में
सीरिज में कराया गया बारूदी सुरंग में विस्फोट
जवानों के हथियार भी लूट ले गए माओवादी

लातेहार और गढ़वा जिले की सीमा पर स्थित बूढ़ापहाड़ इलाके में भाकपा माओवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान मंगलवार को  सात जवान शहीद हो गए, जबकि चार बुरी तरह घायल हो गए। ये जवान पिछले तीन दिन से इलाके में जारी अभियान समाप्त कर लौट रहे थे। शहीदों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं। इलाके में पलामू, गढ़वा और लातेहार के एसपी अतिरिक्त बल के साथ अभियान जारी रखे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर शाम सात बजे सीआरपीएफ की 112 बटालियन और झारखंड जगुआर के एसॉल्ट ग्रुप 40 के जवान अभियान खत्म कर बूढ़ापहाड़ से उतर रहे थे। इसी दौरान खपरी महुआ नामक स्थान के पास तुरेर में भाकपा माओवादियों ने एक-एक कर पांच बारूदी सुरंग में विस्फोट किया। इसकी चपेट में जवानों का एक वाहन आ गया और उसके परखचे उड़ गए। वाहन में 11 जवान थे। सात वहीं शहीद हो गए, जबकि चार अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और फायरिंग की, लेकिन तब तक नक्सली शहीद जवानों के हथियार और कारतूस आदि लूट कर भाग निकले।  अभियान का नेतृत्व झारखंड जगुआर में प्रतिनियुक्त डिप्टी कमांडेंट स्तर के अधिकारी कर रहे थे। विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पलामू, लातेहार और गढ़वा के पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया। किसी भी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका। इलाका दुरूह है। सात जवानों की शहादत की सूचना पुलिस मुख्यालय को मिली, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि देर रात तक नहीं की गई।  सूत्रों के अनुसार, शहीद जवानों के शव घटनास्थल पर ही पड़े हैं। घायल जवानों का इलाज उसी इलाके में किया गया है। 
आंध्र प्रदेश के विश्वनाथ ने की थी घेराबंदी
बूढ़ा पहाड़ पर माओवादी विश्वनाथ उर्फ संतोष ने विस्फोटकों से पूरी घेराबंदी की थी। वह दो साल पहले झारखंड आया था। सुधाकरण का खास सहयोगी विश्वनाथ बारूदी सुरंग बनाने में माहिर माना जाता है। एक करोड़ का इनामी अरविंद जब बूढ़ापहाड़ पर था, तब पुलिस ने उसे दबोचने के लिए अभियान चलाया था। तभी विश्वनाथ द्वारा बारूदी सुरंग से बूढ़ापहाड़ की घेराबंदी की गई थी। पूर्व में बूढ़ापहाड़ में बारूदी सुरंग विस्फोट में पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए थे। 

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  • Web Title:Land mines blast, four martyrs in oldhapur