एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर जुटा कुरमी समाज
प्रभात तारा मैदान धुर्वा में हुई कुरमी अधिकार महारैली, मांगे पूरी नहीं हुई तो आर्थिक नाकाबंदी की चेतावनी

रांची, वरीय संवाददाता। कुरमियों को एसटी सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर रविवार को कुड़मी अधिकार महारैली हुई। आयोजन झारखंड कुड़मी समन्वय समिति ने किया। संचालन राजेंद्र महतो और सखीचंद महतो ने संयुक्त रूप से किया। समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने कहा कि हम कुड़मियों के साथ विगत 75 सालों से अन्याय हुआ है, छह सितंबर 1950 को कॉरपोरेट घरानों के इशारे से हमें जनजातीय अधिकार से वंचित किया गया और पिछड़ी जाति के श्रेणी में रखा गया। उन्होंने कहा कि इस महारैली में उपस्थित भीड़ ने अपने हक-अधिकार के प्रति सजग होने का प्रमाण दिया है।
हमारा समाज वर्षों से शोषित और पीड़ित है। ओहदार ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा गुलाम भारत में हमारी स्थिति इससे बेहतर थी, जिसमें कुड़मियों को प्रथम जनगणना 1901 व 1911 में एबोरिजिनल ट्राइब 1921 में एनीमिस्ट ट्राइब, 1931 में प्रिमिटिव ट्राइब की श्रेणी में रखा गया था, किंतु आजादी के बाद अचानक ही हमें ट्राइब की श्रेणी से हटा दिया गया। यही कारण रहा कि हमारे जमीन के अंदर विभिन्न प्रकार के खनिज अयस्क भरे पड़े हैं और पूंजीपतियों का इस खनिज पदार्थ पर गिद्ध नजर हमेशा से रही है। इस कारण तत्कालीन सरकार के कुछ अगड़े नेताओं और पूंजीपतियों की मिलीभगत से हमें शेड्यूल ट्राइब में न रखकर बैकवर्ड क्लास में रखा गया। जिससे कि कुर्मियों की जमीन पर पाये जाने वाले खनिज पदार्थ का दोहन हो सके। पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि यदि कुड़मियों को अविलंब अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया नहीं की जाती है, तो संपूर्ण झारखंड में अनिश्चितकालीन तक आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। इसी क्रम में शिक्षाविद डॉ अमर कुमार चौधरी, युवा नेता देवेंद्र नाथ महतो, सुषमा महतो व अन्य ने भी अपने विचार रखे। मौके पर जयराम महतो, अरविंद महतो, विमल महतो, महेंद्र महतो, अशोक महतो, डॉ आदित्य महतो, खुदीराम महतो सहित बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोग मौजूद थे। छह सूत्री प्रस्ताव पारित - आगामी जनगणना में जाति कुड़मी और भाषा कुड़माली दर्ज करेंगे। - कुड़मी समाज के हर परिवार अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे। - बेरोजगारी को कम करने के लिए उन्नत कृषि, व्यवसाय की ओर प्रेरित करेंग। - बुद्धिजीवी लोगो की टीम बनेगी और युवाओं को तकनीकी, शिक्षा, रोजगार के लिए प्रेरित करेंगे। - समाज में अनावश्यक जमीन की बिक्री पर रोक। - समाज में नशापान, तिलक-दहेज जैसी कुरीतियों को दूर किया जाएगा।
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