निजी स्कूलों में वार्षिक फीस पर रोक की मांग
झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि रांची के निजी स्कूल आरटीई एक्ट का उल्लंघन कर मनमाने शुल्क ले रहे हैं। उन्होंने डीसी से मांग की कि वार्षिक शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क और डेवलपमेंट फीस नहीं ली जाए। साथ ही एनसीआरटी की किताबें दिए जाने की भी मांग की गई।

रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने कहा कि रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल की ओर से आरटीई एक्ट व झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण अधिनियम 2017 का खुलेआम उल्लंघन कर वार्षिक शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, डेवलपमेंट फीस और अन्य शुल्क मनमानी तरीके से लिया जा रहा, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीआरटी कि किताबों की बजाय निजी प्रकाशकों की मंहगी किताबें खास दुकानदारों से लेने का निर्देश दिया जाता है, यही स्थिति स्कूल ड्रेस व अन्य खरीदारी में भी है। डीसी से मांग की गई कि निजी स्कूलों को लिखित में स्पष्ट निर्देश दिया जाए कि वार्षिक शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, डेवलपमेंट फीस नहीं लिया जाए और एनसीईआरटी की किताबें दी जाएं।
साथ ही, जरूरत अनुसार निजी प्रकाशनों की किताबे दी जाएं, जिसे हर साल बदला नहीं जाए। हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई।
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