
सरकारी स्कूलों में 40 लाख छात्रों को अब तक नहीं मिली पोशाक-स्वेटर की राशि
संक्षेप: झारखंड में ठंड शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी स्कूलों के 40 लाख छात्रों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई पोशाक, स्वेटर या जूता-मोजा खरीदने के लिए राशि नहीं मिली है। कई बच्चे पुरानी पोशाक पहनकर स्कूल आ रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। केंद्र से फंड का इंतजार किया जा रहा है।
रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड में ठंड की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 40 लाख छात्र-छात्राओं को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अबतक न तो नई पोशाक मिल पाई है और न ही स्वेटर या जूता-मोजा खरीदने के लिए राशि जारी की गई है। ठिठुरन भरी सुबह में स्कूली बच्चे पुरानी पोशाक और स्वेटर पहनकर आ रहे हैं। कई स्कूलों में तो बच्चे बिना स्वेटर के आ रहे हैं या निर्धारित रंग से अलग स्वेटर पहनकर आ रहे हैं। लगातार बढ़ती ठंड के बावजूद राशि का वितरण न होना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।

राशि वितरण की स्थिति राज्य में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) से राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाती है। कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए दो सेट पोशाक और अन्य सामग्री के लिए 2200 रुपये मिलते हैं। वहीं, कक्षा 1 से 8वीं के लिए दो जोड़ी पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा खरीदने के लिए 600 रुपये मिलते हैं। केंद्र से फंड का इंतजार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् के अनुसार, स्कूली बच्चों को पोशाक की राशि जारी करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से फंड आने का इंतजार किया जा रहा है। परिषद् का मानना है कि यह राशि इस महीने के अंत तक ही आ पाएगी, इसलिए छात्रों को दिसंबर माह से पहले राशि मिलने की संभावना कम है। कोट वित्तीय वर्ष का नवंबर माह समाप्ति की ओर है, ठंड धीरे-धीरे परवान चढ़ रही है, लेकिन प्रदेश के प्राथमिक व मध्य विद्यालय के छात्रों के लिए स्वेटर और पोशाक हेतु राशि निर्गत नहीं की गई है। छात्र बिना स्वेटर पहने स्कूल आ रहे हैं। -नसीम अहमद, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ

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