बाल विवाह की रोकथाम को लेकर 2364 गांवों तक पहुंचा जागरुकता रथ
झारखंड में बाल विवाह के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है, जो 2,364 गांवों तक पहुंच चुका है। यह रथ 36,482 किलोमीटर यात्रा कर चुका है और 1,524 कार्यक्रमों के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैला रहा है। 2019-21 में झारखंड में बाल विवाह की दर 32.2 फीसदी थी।

रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड में बाल विवाह से मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बाल विवाह मुक्ति रथ झारखंड के 2,364 गांवों तक पहुंच चुका है। जागरुकता अभियान के तहत पूरे राज्य में यह रथ 36,482 किलोमीटर की यात्रा की। बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक संगठनों ने 100 दिवसीय जागरुकता अभियान में सहयोग किया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के 22 सहयोगियों ने झारखंड में इस अभियान को पूरा करने में योगदान दिया। पूरे एक माह चले इस अभियान में बाल विवाह मुक्ति रथ स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचा और 1,524 कार्यक्रमों के मध्यम से बाल विवाह के खिलाफ संदेश पहुंचाया।
इस अभियान में 2,96,825 छात्र-छात्राओं और 1313 धर्मगुरुओं के साथ शिक्षकों ने अपना योगदान दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2019-21 की अवधि में झारखंड में बाल विवाह की दर 32.2 फीसदी रही, जो राष्ट्रीय औसत 23.3 फीसदी से काफी अधिक है।
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