झारखंड पुलिस के सभी अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगा स्मार्टफोन
महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक ने संशोधित आदेश किया जारी, मोबाइल फोन रखने के लिए भी प्रक्रिया करनी होगी पूरी

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान कार्य कर रहे पुलिस पदाधिकारियों के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बदलाव के तहत अब ऐसे सभी पुलिस पदाधिकारी, जो वर्तमान में अनुसंधान कार्य कर रहे हैं, उन्हें मोबाइल फोन दिया जाएगा। हालांकि जिन अधिकारियों की सेवा अवधि छह माह से कम है, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी। यदि कोई अधिकारी त्यागपत्र देता है, स्वैच्छिक या अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेता है या फिर बर्खास्त होता है, तो उसे मोबाइल फोन संपत्ति शाखा में जमा कराना होगा और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई अधिकारी मोबाइल फोन को अपने पास रखना चाहता है, तो इसके लिए विभागीय संकल्प के अनुसार फोन के मूल्यह्रास की गणना की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया को पूरी करने के बाद ही संबंधित अनुसंधानकर्ता को मोबाइल फोन हस्तांतरित किया जा सकेगा। इसे लेकर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक ने बीते 27 फरवरी को आदेश जारी किया है। बता दें कि अनुसंधानकर्ता को मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने अपने 17 मार्च 2025 के आदेश में दिया था। इस आदेश में कई दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। बता दें कि पुलिस मुख्यालय द्वारा 17 मार्च 2025 को जारी पूर्व आदेश में यह शर्त रखी गई थी कि नया मोबाइल फोन केवल उन्हीं अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगा, जिनकी सेवा संपुष्ट हो चुकी हो और जिनकी सेवा अवधि में कम से कम चार वर्ष शेष हों। साथ ही यह भी कहा गया था कि जो अधिकारी पिछले दो वर्षों से लगातार अनुसंधान कार्य में नहीं हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इन शर्तों के कारण कई जिलों से यह शिकायत मिली कि अधिकांश अनुसंधानकर्ता इन मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं और योजना से वंचित हो रहे हैं।
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