मां छिन्नमस्तिकता मंदिर के सौंदर्यीकरण पर हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने पर्यटन सचिव और उपायुक्त को विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया और आवश्यक सुविधाओं का विकास स्पष्ट करने के लिए कहा। अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी।

रांची, विशेष संवाददाता। रामगढ़ के मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण में देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य के पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त को मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर विस्तृत विशेष रिपोर्ट तैयार कर अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया। मंदिर परिसर में किन-किन सुविधाओं का विकास किया जाएगा, इसे स्पष्ट करने का निर्देश भी कोर्ट ने दिया। सुनवाई के दौरान दोनों अधिकारी कोर्ट में सशरीर हाजिर भी थे। अदालत ने निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कौन-कौन सी आवश्यक व्यवस्थाएं की जानी चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है। पूर्व की सुनवाई में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पर्यटन सचिव और रामगढ़ डीसी को तलब किया था। कोर्ट ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा था कि पूर्व आदेशों के बावजूद मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य अब तक पूरा क्यों नहीं किया गया।
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