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रांची की जर्जर पाइपलाइन और टंकी पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब

रांची की जर्जर पाइपलाइन और टंकी पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब

संक्षेप:

झारखंड हाईकोर्ट ने पेयजल व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि रांची में पानी की पाइपलाइन टूटी हुई है और अस्थायी मरम्मत की जा रही है, जिससे दूषित पानी का खतरा बना हुआ है। अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

Jan 06, 2026 08:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में मंगलवार को जल स्रोत और पेयजल व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पेयजल व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपना स्पष्ट और तथ्यपरक जवाब दाखिल करे। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और शुभम कटारुका ने अदालत को बताया कि हाल ही में इंदौर में दूषित पानी से हुई घटना एक चेतावनी है और ऐसी ही स्थिति यदि रांची में बनी रही तो यहां भी गंभीर हादसा हो सकता है।

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उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन कई स्थानों पर टूटी हुई है। इन पाइपलाइनों की स्थायी मरम्मत के बजाय अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं। कहीं पाइप को प्लास्टिक से बांध दिया गया है तो कहीं लकड़ी लगाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे दूषित पानी के सप्लाई में मिलने का खतरा बना रहता है। पेयजल व्यवस्था की तस्वीरें अदालत में पेश की अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि जिला स्कूल के पास स्थित पानी की टंकी अत्यंत जर्जर अवस्था में है और किसी भी समय गिर सकती है। इससे बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस दावे के समर्थन में उन्होंने पानी टंकी और पेयजल व्यवस्था की तस्वीरें अदालत के समक्ष प्रस्तुत कीं। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों और प्रस्तुत तस्वीरों को देखने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पेयजल से जुड़ा मुद्दा सीधेतौर पर आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य से संबंधित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।