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जज-वकील के बीच विवाद मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद

जज-वकील के बीच विवाद मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद

संक्षेप:

झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस राजेश कुमार और वकील महेश तिवारी के बीच विवाद का मामला सुनवाई के लिए पहुंचा। वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद होगी। महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना के आरोप तय किए गए हैं।

Nov 25, 2025 07:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट की पांच जजों की वृहद पीठ में जस्टिस राजेश कुमार और वकील महेश तिवारी के साथ हुए विवाद मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वकील महेश तिवारी ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसके बाद अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद मामले में अगली सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान, जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस आर मुखोपाध्याय, जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने अधिवक्ता महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना का आरोप तय करते हुए महेश तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा था।

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लेकिन, उनकी ओर से अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। हाईकोर्ट में होने वाली लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए नोंक-झोंक का वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने निर्णय था कि मामले में पांच जजों की पीठ आपराधिक अवमानना का मामला सुनेगी। इसके बाद चीफ जस्टिस सहित पांच जजों की पीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पेन ड्राइव के जरिए कोर्ट रूम में पूरे दिन की कोर्ट प्रोसिडिंग की रिकॉर्डिंग प्रसारित की गई। चीफ जस्टिस ने अधिवक्ता महेश तिवारी से पूछा कि इस मामले में उन्हें कुछ कहना है या सफाई देनी है। क्योंकि, एकल पीठ में हुए इस कृत्य को प्रथम दृष्टया हमलोग आपराधिक अवमानना मान चुके हैं। कोर्ट आरोप तय करने के लिए बैठी है। इसपर अधिवक्ता महेश तिवारी ने कहा था कि हुजूर हमने कोई गलती नहीं की है। मैंने यह बयान बिल्कुल होश में दिया है। हमें इस पर कोई पछतावा नहीं है। इसके बाद अदालत ने आपने आदेश में कहा कि इस कृत्य से न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंची है। किसी भी जज को अंगुली नहीं दिखाई जा सकती है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा नहीं पहुंचाई जा सकती है। इसलिए, अधिवक्ता महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना के तहत आरोप तय किया जा रहा है।