
अभियंता नियुक्ति-प्रोन्नति नियमावली तैयार कर तीन सप्ताह में लागू करने का निर्देश
- पथ निर्माण विभाग के सचिव कोर्ट में हाजिर हुए रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड
रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने अभियंता नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली को तीन सप्ताह में मंजूरी देकर इसे लागू करने का निर्देश दिया है। डिप्लोमा अभियंता संघ एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार अदालत में हाजिर हुए। पिछली सुनवाई के दौरान ही अदालत ने कहा था कि यदि नियुक्ति नियमावली तैयार नहीं की गयी तो विभाग के सचिव को हाजिर होना होगा। गुरुवार को सरकार की ओर से समय की मांग की गयी।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी और विभाग के सचिव को 2.15 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मौखिक कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर नियमावली लागू करने में टालमटोल कर रही है। कभी विधि विभाग से, कभी महाधिवक्ता से, तो कभी वित्त विभाग से परामर्श लेने का बहाना बनाया जा रहा है। परामर्श का यह खेल कब तक चलता रहेगा। जेपीएससी से मंतव्य आते ही लागू कर दिया जाएगा पूर्व में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि सहायक अभियंता नियुक्ति नियमावली को संशोधित कर ड्राफ्ट जेपीएससी को मंतव्य के लिए भेजा गया है। इस पर अदालत ने जेपीएससी को प्रतिवादी बनाते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा था। जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार के द्वारा भेजे गए प्रारूप में कुछ त्रुटियां हैं, उसको लेकर फिर से सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि ड्राफ्ट की त्रुटियों को चिह्नित कर उसे सुधार दिया गया है और फिर से मंतव्य के लिए जेपीएससी को भेजा गया है, जो उन्हें प्राप्त भी हो गया है। जेपीएससी से जैसे ही मंतव्य आता है, उसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।

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