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सभी सदर अस्पताल के लिए चार-चार मोक्ष वाहन खरीदे जाएंगे : डॉ अंसारी

सभी सदर अस्पताल के लिए चार-चार मोक्ष वाहन खरीदे जाएंगे : डॉ अंसारी

संक्षेप:

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है। सभी जिलों के सदर अस्पतालों में चार मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। इसके लिए 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंत्री ने हाल की चाईबासा घटना पर स्पष्टीकरण दिया और झूठी खबरों के प्रसार पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

Dec 21, 2025 08:07 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सशक्त, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में अनिवार्य रूप से चार-चार मोक्ष वाहन (शव वाहन) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को मोक्ष वाहन खरीदने का निर्देश दिया गया है। मोक्ष वाहन की खरीद पर लगभग 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विभाग को एक माह के भीतर सभी जिलों में मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। ताकि, कठिन परिस्थिति में किसी भी राज्यवासियों को अपमानजनक या अमानवीय स्थिति का सामन नहीं करना पड़े।

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साजिश के तहत फैलाया गया झूठ स्वास्थ्य मंत्री ने चाईबासा की हालिया घटना पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह घटना स्वास्थ्य विभाग को बदनाम करने के उद्देश्य से जानबूझकर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत की गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सच पूरी तरह उजागर हो चुका है, जिसमें स्पष्ट है कि मृत बच्चा चार माह का था, जिसे गलत तरीके से 4 साल बताया गया, जो सरासर भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना है। कुछ राजनीतिक दलों और असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। तथ्यों को नजरअंदाज कर झूठी और सनसनीखेज खबरें फैलाई गईं, ताकि स्वास्थ्य विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया एवं सामाजिक संगठनों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी खबर को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करें। बिना सत्यापन के खबरें चलाना न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि ईमानदारी से काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल भी तोड़ता है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त को निर्देश दिया है कि फर्जी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण खबरें फैलाने वालों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्यकर्मी सकारात्मक, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकें।