सभी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक से निपटने की तैयारी का निर्देश
अलर्ट जारी : हर जिले में बनेगी हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट, हर दिन करनी होगी रिपोर्टिंग, एनएचएम, झारखंड के अभियान निदेशक ने सभी सिविल सर्जनों को निर्द

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बचाव की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। एनएचएम, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इस बाबत अलर्ट जारी करते हुए सभी सिविल सर्जनों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। यह कदम भारत सरकार के नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (एनपीसीसीएचएच) और नेशनल एक्शन प्लान ऑन हीट रिलेटेड इलनेस (जुलाई 2021) के तहत उठाया गया है। इसके तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों को हीट रिलेटेड बीमारी (एचआरआई) और उससे होने वाली मौतों की भारत सरकार के आईएचआईपी पोर्टल पर हर दिन रिपोर्ट देनी होगी।
कोई मामला नहीं होने की स्थिति में भी रिपोर्ट देना अनिवार्य रहेगा। तय स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन करना होगा अभियान निदेशक ने कहा है कि हर जिला अस्पताल में 5 बेड की अलग हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट बनायी जाएगी। इन बेड पर रेक्टल थर्मामीटर, आइस पैक, कोल्ड वॉटर, ओआरएस, आईवी फ्लूइड, एंटी डायरियल दवा, कूलिंग उपकरण, पंखे, एसी या एयर कूलर जैसी जरूरी व्यवस्था रहेगी। जरूरत पड़ने पर 108 एंबुलेंस के जरिए मरीज को रेफर किया जाएगा और एंबुलेंस में भी ठंडक और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य होगी। सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हीट स्ट्रोक के इलाज के लिए तय स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है। संदिग्ध मरीजों का तुरंत आकलन कर इलाज शुरू किया जाएगा। कमजोर वर्ग पर विशेष ध्यान एमडी ने कहा है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर, रिक्शा चालक, डिलीवरी बॉय, गार्ड, प्रवासी मजदूर और खुले में काम करने वाले लोग विशेष रूप से जोखिम में हैं। इनके लिए ओपीडी में प्राथमिकता से इलाज और ठंडे पेयजल की व्यवस्था होगी। अस्पतालों में साफ पेयजल, छायादार प्रतीक्षालय, कूलिंग सिस्टम और ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर ‘कूलिंग शेल्टर’ भी बनाए जाएंगे। जागरूकता अभियान भी चलेगा विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल), ग्लोबल हीट एक्शन डे (2 जून) और विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। लू से बचाव के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी प्रिंट, ऑडियो-वीडियो और सोशल मीडिया के जरिए दी जाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और सिर ढककर बाहर जाएं। चक्कर, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य गर्मी के मौसम में अस्पतालों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाएगा। इसके लिए डिजिटल फायर सेफ्टी असेसमेंट टूल का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और की गई कार्रवाई की जियो-टैग फोटो ईमेल से भेजने का निर्देश दिया है। विभाग ने कहा है कि गर्मी से बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
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