शिक्षा में भी भेदभाव की नीति ठीक नहीं: राजेन्द्र प्रसाद
झारखंड सरकार द्वारा जनजाति वर्ग के 300 छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग देने पर आंदोलनकारी राजेन्द्र प्रसाद ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रसाद ने सरकार की भेदभाव नीति की आलोचना करते हुए यह भी बताया कि मूलवासी सदानों ने झारखंड के गठन में भी योगदान दिया है।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य सरकार के द्वारा जेईई एवं मेडिकल नीट कोचिंग संस्थान के माध्यम से सिर्फ जनजाति वर्ग के 300 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क आवासीय कोचिंग देन पर झारखंड आंदोलनकारी सह मूलवासी सदान के केंद्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के लिए मूलवासी सदानों ने भी शाहदत दी है, तब जाकर झारखंड राज्य बना है। राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि मूलवासी सदान से आने वाले अगड़ी, पिछड़ी, दलित सभी को एसटी छात्रों की तरह ही नि:शुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधा सरकार दे। प्रसाद ने कहा कि झारखंड सरकार की भेद-भाव की नीति से मूलवासी सदानों में सरकार के प्रति आक्रोश है और आपसी वैमनस्यता बढ़ती जा रही है।
प्रसाद ने कहा कि झारखंड सरकार सिर्फ एक समुदाय के वोट से नहीं बनी है, मूलवासी सदानों ने भी इस गठबंधन को वोट दिया है। इस बात को झारखंड सरकार में शामिल झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेताओं को समझना पड़ेगा। प्रसाद ने कहा कि गठबंधन ने स्थानीय नीति, नियोजन नीति और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों पर वोट लिया है। लेकिन सरकार बनने के बाद झारखंड सरकार ने इन सभी मुद्दों को दरकिनार कर दिया।
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