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आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा में लाने की तैयारी, विशेष ब्रिज कोर्स मॉड्यूल की तैयारी

आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा में लाने की तैयारी, विशेष ब्रिज कोर्स मॉड्यूल की तैयारी

संक्षेप: झारखंड सरकार ने शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर रह गए और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वापस लाने के लिए एक ब्रिज कोर्स मॉड्यूल बनाने का निर्णय लिया है। यह मॉड्यूल कक्षा 1-8 के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रमों के साथ तैयार किया जाएगा। इस पहल में यूनिसेफ और अन्य संगठन सहयोग कर रहे हैं।

Mon, 10 Nov 2025 08:35 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड सरकार ने राज्य में शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर रह गए (आउट ऑफ स्कूल) और स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) बच्चों को वापस लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए एक ब्रिज कोर्स मॉड्यूल का निर्माण किया जा रहा है। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में मंगलवार से 14 नवंबर तक चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें यह मॉड्यूल तैयार किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने हाल ही में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, सेवानिवृत्त और रिसोर्स शिक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर इसकी तैयारियों की समीक्षा की।

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यह ब्रिज कोर्स तीन अलग-अलग स्तरों पर बनाया जा रहा है, जिसमें कक्षा 1-2, कक्षा 3-5 और कक्षा 6-8 के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम शामिल होंगे। मुख्य उद्देश्य ड्रॉप आउट बच्चों की बुनियादी समझ को मजबूत कर उन्हें कक्षा के स्तर तक लाना है। इस पहल में यूनिसेफ तकनीकी और वित्तीय सहयोग दे रहा है, जबकि सिनी टाटा ट्रस्ट, प्रथम और रूम टू रीड जैसे संगठन भी निर्माण में सहायता कर रहे हैं। सीएम स्कूलों को 100% रिजल्ट का लक्ष्य इसी क्रम में, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ भी बैठक की। बैठक में सख्त निर्देश दिए गए कि सभी स्कूल 17 नवंबर तक समिटिव असेसमेंट-1 का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड तैयार कर जारी करें। इसके अतिरिक्त, कक्षा 10 और 12 के सिलेबस को 25 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। विभागीय सचिव की अध्यक्षता में 14 नवंबर को एक और महत्वपूर्ण बैठक होनी है। स्कूलों को 100 प्रतिशत पासिंग रिजल्ट का लक्ष्य दिया गया है, जिसकी जवाबदेही पूरी तरह से प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रबंधकों की होगी।