मैट्रिक-इंटर स्तरीय परीक्षा संचालन नियमावली की अधिसूचना जारी
झारखंड सरकार ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा संचालन के लिए संशोधन नियमावली-2025 जारी की है। इसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दो चरण होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। जेएसएससी द्वारा मेधा सूची के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चयन किया जाएगा।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य सरकार ने मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट स्तरीय परीक्षा संचालन संशोधन नियमावली-2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी संशोधन नियमावली तीन परीक्षा यथा- मैट्रिक स्तरीय (10वीं), इंटरमीडिएट स्तरीय (12वीं) एवं इंटरमीडिएट स्तर कम्प्यूटर ज्ञान एवं कम्प्यूटर में हिन्दी टाइपिंग अर्हता पद के लिए जारी की गई है। इस संशोधन नियमावली का सबसे प्रमुख प्रावधान है कि उपरोक्त परीक्षा दो चरण यथा-प्रारंभिक एवं मुख्य स्तर की होगी। हालांकि किसी भी परीक्षा में 50 हजार से कम आवेदन होने पर सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा नहीं ली जाएगी। उक्त अधिकतम सीमा से अधिक अभ्यर्थी रहने की स्थिति में भी विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर सीधे मुख्य परीक्षा आयोजित करने के संबंध में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) अंतिम निर्णय लेगा।
बता दें कि पिछले दिनों ही उपरोक्त तीनों परीक्षा संचालन नियमावली को मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिल चुकी है। उपरोक्त तीन संशोधित नियमावली में परीक्षा का पाठ्यक्रम, परीक्षा लेने की पूरी प्रक्रिया एवं न्यूनतम अंक संबंधी प्रावधानों का विस्तृत वर्णन है। परीक्षा का स्वरूप प्रारम्भिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में सामान्य ज्ञान से संबंधित पांच विषयों से संबंधित बहुविकल्पीय उत्तर आधारित प्रश्न पूछे जायेंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय उत्तर आधारित होंगे। प्रत्येक प्रश्न 03 अंक के होंगे। सही उत्तर के लिए 03 अंक दिए जाएंगे। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 01 अंक की कटौती की जाएगी। परीक्षा की भाषा हिन्दी एवं अंग्रेजी होगी। विषय कुल प्रश्न सामान्य अध्ययन 30 झारखंड राज्य से संबंधित ज्ञान 60 सामान्य गणित 10 सामान्य विज्ञान 10 मानसिक क्षमता जांच 10 कुल 120 . प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा के लिए चयन प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर जेएसएससी द्वारा अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार की जाएगी। उसके बाद कुल रिक्ति के 15 गुणा अभ्यर्थियों को मेधा क्रम के अनुसार प्रारंभिक चयन सूची तैयार की जाएगी। उक्त सूची में किसी कोटि के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व रिक्ति के 15 गुणा से कम होने पर उस कोटि के अतिरिक्त अभ्यर्थियों को भी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाएगा। मुख्य परीक्षा के लिए सभी कोटि के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के बराबर प्राप्तांक लाने वाले शेष सभी अभ्यर्थियों को भी मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए चयनित किया जाएगा। संशोधित नियमावली में प्रारंभिक परीक्षा अंतर्गत न्यूनतम अंक संबंधी प्रावधान आरक्षण कोटि न्यूनतम प्राप्तांक (% में) अनारक्षित/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 40 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला 32 अत्यन्त पिछड़ा वर्ग 34 पिछड़ा वर्ग 36.5 आदिम जनजाति 30
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


