
छठा वेतनमान एवं सातवां केंद्रीय वेतनमानका पूरा लाभ नहीं, कर्मियों में रोष : महासंघ
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने छठा और सातवां केंद्रीय वेतनमान न मिलने पर नाराजगी जताई है। महासंघ ने कहा कि राज्यकर्मियों में रोष बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने आठवें वेतनमान के लिए कमेटी बनाई है, लेकिन राज्य में कर्मचारियों को सही वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने छठा वेतनमान एवं सातवां केंद्रीय वेतनमान की सभी सुविधाएं हूबहू अनुशंसा, संशोधित वेतमान, भत्ता, ग्रेड पे नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। महासंघ के महामंत्री सुनील साह ने कहा कि झारखंड में सुविधाएं नहीं दिए जाने से राज्यकर्मियों में रोष है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आठवां वेतनमान के लिए कमेटी गठित करने का आदेश दिया है, वहीं राज्य में छठा व सातवां वेतनमान का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने वर्ष 2023 में सचिव सहित सभी संबंधित विभागों को 21 सूत्री मांगों पर कारवाई के लिए पीत पत्र भेजा, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सहित सभी निरीक्षक संवर्ग को 6500 रुपए वेतनमान के बदले 5000 रुपए वेतनमान दिया जा रहा है। ग्रेड पे 4600 रुपए के बदले 4200 रुपए दिया जा रहा है। मुफ्फसिल लिपिकों तथा पंचायत सचिव संवर्ग का ग्रेड पे 2400 रुपए नहीं दिया जा रहा है। सबसे खराब हालत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी में कार्यरत ऑफिस ब्वॉय, ऑफिस अटेंडेंट, हाउसकीपर संवर्ग की है। उन्हें मात्र 425 से 450 रुपए प्रतिदिन की दर से वो भी केवल कार्यदिवस में ही मानदेय मिलता है। इस संवर्ग को कोई अवकाश नहीं मिलता। महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश नहीं दिया जाता, जो सीधा-सीधा अन्याय है।

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