
बिजली पोल से हटाए गए टेलीकॉम कंपनियों के तार
संक्षेप: झारखंड बिजली वितरण निगम ने रांची में अव्यवस्थित टेलीकॉम केबलों को हटाने के लिए अभियान चलाया। यह कार्रवाई कचहरी चौक, करम टोली चौक, कांके रोड और बूटी मोड़ में की गई। टेलीकॉम कंपनियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अगले सप्ताह फिर से अभियान शुरू किया जाएगा।
रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (रांची विद्युत आपूर्ति अंचल) ने मंगलवार को रांची शहर में टेलीकॉम कंपनियों खिलाफ अभियान चलाया। शहर में जितने भी अव्यवस्थित और अनाधिकृत तौर पर बिजली खंभों पर ओएफसी केबल टेलीकॉम कंपनियों के लगे थे, उसे हटा दिया गया। इसमें कई ऐसे तार थे, जिनका उपयोग तक नहीं होता था और पुराना था। ये सभी बेवजह बिजली पोल पर टंगे हुए थे। यह अभियान कचहरी चौक, करम टोली चौक, कांके रोड और बूटी मोड़ इलाकों में चलाया गया। टेलीकॉम तारों का जो मकड़ा जाल बिजली खंभों पर बना हुआ था, उसे हटाकर फेंक दिया गया।

जानकारी के अनुसार, इससे कई जगहों पर टेलीकॉम सेवा प्रभावित होने की भी सूचना मिली। ज्ञात हो कि टेलीकॉम कंपनियों को दीपावली पूर्व रांची एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने चेतावनी देते हुए अल्टीमेटम दिया था कि वे खुद बिजली पोल से अपने तारों को हटा लें। लेकिन, इस दिशा में सकारात्मक प्रयास कंपनी के लोगों के द्वारा नहीं किया गया। मजबूर जेबीवीएनएल को कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। एक सप्ताह बाद दोबारा चालू होगा अभियान रांची विद्युत आपूर्ति अंचल के अधीक्षण अभियंता डीएन साहू ने बताया कि वर्तमान में एक सप्ताह के लिए यह अभियान रोक दिया गया है। सभी केबल ऑपरेटरों से अपील है कि ओएफसी केबल के जाल को व्यवस्थित कर लें। जितने पोल पर कंपनियों के तार लगे हैं, उसे नियमित करा ले। एक सप्ताह के बाद दोबारा अभियान चलाकर बिजली विभाग फिर से खुद तारों को हटाना शुरू कर देगा। क्यों हटाने की आई नौबत जेबीवीएनएल के अनुसार, विभाग अपने बिजली तारों को सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप से शहरों में लगाया है। लेकिन, टेलीकॉम कंपनी अव्यवस्थित ढंग से अपने तारों को लगा दिए हैं। इससे बिजली कर्मियों को मरम्मत कार्य करने में दिक्कत होती है। इससे बिजली तारों व टेलीकॉम कंपनियों के संपर्क में आने वाली दुर्घटना होती है। जब कभी नंगे 11 केवी बिजली तार में समस्या होती है या स्पॉर्क होता है, तो इसकी चपेट में टेलीकॉम कंपनी के तार आ जाते हैं। इससे प्लास्टिक युक्त तार कवर होने के कारण आग लग जाती है। इससे बिजली उपकरण, ट्रांसफॉर्मर तक में आग लगकर क्षतिग्रस्त हो जाती है। तीसरा कारण यह है कि इन टेलीकॉम कंपनियों के तारों के मकड़ा जाल के कारण शहर की सुंदरता भी खराब हो रही थी, सभी टेलीकॉम तार अव्यवस्थित ढंग से लगे हुए हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




