
मरांडी का आरोप झूठ और विरोधाभास से भरा : कांग्रेस
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये आरोप झूठ और निराधार हैं, जो राजनीतिक हताशा...
रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी का आरोप झूठ, निराधार और विरोधाभास से भरा है। यह बयान उनकी राजनीतिक हताशा और भाजपा के इशारे पर चल रही साजिश का हिस्सा है। झारखंड की जनता ने बार-बार यह देखा है, जब भी विपक्षी नेता बाबूलाल मरांडी राजनीतिक रूप से हाशिए पर जाते हैं तो वे निराधार आरोपों और अफवाहों का सहारा लेकर सुर्खियों में आने की कोशिश करते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया में डाली गई उनकी पोस्ट इसी का हिस्सा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का यह कहना है कि अवैध डीजीपी के संरक्षण में आधी रात को एसीबी ने उत्पाद विभाग से दस्तावेज उठाए। पूरी तरह से झूठ, भ्रामक और हताशा का प्रतीक है, अगर उनके पास कोई सबूत है तो वे कोर्ट में रखें न कि सोशल मीडिया पर झूठे आरोप उगलें। मरांडी सिर्फ सरकार पर ही नहीं सीएजी और कैग पर सवाल उठाते हैं। यह न केवल संस्थाओं का अपमान है, बल्कि जांच एजेंसियों को बदनाम करने की साजिश है। सच यह है कि बाबूलाल मरांडी अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं। भाजपा के भीतर उनकी स्थिति कमजोर है और जनता में उनका कोई जनाधार शेष नहीं बचा। इसी हताशा से रोज नये-नये आरोप गढ़कर खुद को प्रासंगिक बनाने का प्रयास करते हैं। सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि एक तरफ बाबूलाल खुद को भ्रष्टाचार विरोधी बताते हैं और दूसरी तरफ भाजपा में शामिल होकर उन्हीं के भ्रष्टाचार पर चुप्पी साध लेते हैं। मरांडी को भाजपा के राफेल सौदे, इलेक्ट्रॉल बांड घोटाले, पीएल केयर फंड की अपारदर्शिता, भाजपा शासित राज्यों में शराब खनन घोटाले पर और जब खुद मुख्यमंत्री थे, उस समय झारखंड भ्रष्टाचार घोटाले से अछूता नहीं था उस समय उन्होंने कितने दोषियों पर कारवाई की। झारखंड की जनता अब उनकी राजनीति को अच्छी तरह से पहचान चुकी है। सच यह है कि झारखंड की सरकार पारदर्शिता और विकास की राह पर अडिग है और कोई भी भ्रष्टाचारी कानून से बच नहीं पायेगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


