
केंद्रीय बजट में देश के विकास पर कितनी राशि खर्च होगी : हेमंत
कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय बजट पर दी प्रतिक्रिया, किसान, आदिवासी, मूलवासी, मजदूर, दलित प्रभावित
रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रालय में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बजट में देश के विकास पर कितनी राशि खर्च होगी, इस पर सवाल उठाया और कहा कि पूरे देश में भुखमरी की स्थिति खड़ी हो जाएगी। देश के मजबूत स्तंभ कृषि को विदेशी बाजारों के लिए खोल दिया गया है। विदेश से आने वाले कृषि यंत्रों, अनाज अब भारत के बाजार में बिकेंगे। क्या हमारे देश के किसान दुनिया के बाजार से प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बजट से व्यापार जगत पर होने वाले प्रभाव को व्यावसायी ही सही तरह से बता सकते हैं।
वह किसान, मजदूर, गरीब, आदिवासी, दलित के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को रेखांकित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों पर कुछ कहना मुश्किल है। यह वक्त बजट पर प्रतिक्रिया देने का नहीं उनके असर को देखने का है। वर्तमान केंद्र सरकार के कदमों से देश के किसान, आदिवासी, मूलवासी, मजदूर, दलित मुख्य रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कोयला, खनिज से जुड़े प्रश्न पर सीएम सोरेन ने कहा कि सवाल दाल, चावल की महंगाई पर होना चाहिए। आम लोगों से दूर होते पढ़ने, लिखने की वस्तुओं और कपड़ों पर होने चाहिए। असम का दौरा कर हाल में लौटे सीएम ने उनके अनुभव से जुड़े प्रश्न पर कहा कि वहां आज के दिन भी गुलामी की बेड़ियां हैं। डेढ़ सौ साल से अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष की स्थिति अब तक बनी हुई है। आवाज उठाने पर लोगों को मार दिया जा रहा है। देश के अंदर एक अलग देश चल रहा है। असम के पड़ोसी राज्य मणिपुर के संघर्ष का उदाहरण देते हुए स्थिति पर सीएम सोरेन ने गहरी चिंता जाहिर की।

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