
हिज्ब उत तहरीर के संदिग्ध पर मुकदमा चलाने के लिए एटीएस ने मांगी अभियोजन स्वीकृति
झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने हिज्ब उत-तहरीर से जुड़े पांच संदिग्धों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। आरोपियों पर देश विरोधी साजिश और अवैध हथियार रखने का आरोप है। एटीएस ने अभियोजन स्वीकृति मांगी है। संदिग्धों की बैठक और दस्तावेजों से उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित वैश्विक आतंकी संगठन हिज्ब उत-तहरीर (एचयूटी) से जुड़े पांच संदिग्धों के खिलाफ देश विरोधी साजिश रचने और अवैध हथियार रखने के आरोप में चार्जशीट दायर करने के बाद अब मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है। सभी संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति आदेश एटीएस ने मांगी है। एटीएस ने जांच में पाया है कि सभी आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। वहीं, आरोपियों ने 27 सितंबर 2024 को धनबाद के होटल शाही दरबार के समीप बैठक की थी। संदिग्धों का टावर लोकेशन निकाले जाने से इस बात की पुष्टि भी एटीएस की जांच में हुई है।
किस-किस के खिलाफ मांगी गई अभियोजन स्वीकृति एटीएस ने जांच में पाया है कि गुलफाम हसन (21 वर्ष), अयान जावेद (21 वर्ष), मो शहजाद आलम (20 वर्ष), अम्मार यासर, शबनम परवीन देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तत थे। अयान जावेद, शबनम, गुलफाम के यहां से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने से जुड़े दस्तावेज मिले थे। वहीं, एक डायरी में भी कई चीजों का जिक्र था। एटीएस अब डायरी की हैंडराइटिंग का मिलान आरोपियों की हैंडराइटिंग से करेगी। जब्त दस्तावेजों में धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने और संविधान को नकारने के तथ्य मिले हैं।

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