सहायक आचार्य परीक्षा नॉर्मलाइजेशन में जेएसएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश
रांची में सहायक आचार्य परीक्षा में अंक नॉर्मलाइजेशन को लेकर याचिकाओं पर 13 मई को विस्तृत सुनवाई होगी। अदालत ने जेएसएससी को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित तिथि से पहले अपना जवाब दाखिल करे। प्रार्थियों ने आरोप लगाया है कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण रही है, जिससे 2200 से ज्यादा सीटें रिक्त रह गई हैं।

रांची, विशेष संवाददाता। सहायक आचार्य परीक्षा में अंक नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर 13 मई को विस्तृत सुनवाई होगी। शुक्रवार को मामले की आंशिक सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सभी संबंधित मामलों को अगली सुनवाई के लिए 13 मई को सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को निर्देश दिया कि वह निर्धारित तिथि से पूर्व अपना जवाब शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करे। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया कि सहायक आचार्य परीक्षा में जेएसएससी द्वारा अंक नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण तरीके से अपनाई गई है, जिससे अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हुए हैं।
याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि आयोग को परीक्षा परिणाम में सही एवं पारदर्शी तरीके से नॉर्मलाइजेशन लागू करने का निर्देश दिया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि परीक्षा के बाद आयोग की ओर से आंसर की जारी किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों का उत्तीर्ण अंक से ज्यादा है। लेकिन, आयोग की ओर से उन्हें दस्तावेज सत्यापन के दौरान नहीं बुलाया। जबकि, उनसे कम अंक पाने वालों को बुलाया गया है। इसकी जानकारी लेने पर आयोग की ओर से कहा गया कि परीक्षा में नार्मलाइजेशन फार्मूला लागू किया गया है। प्रार्थी ने दावा किया कि विज्ञापन में कहा गया है कि मेरिट लिस्ट जारी करने के दौरान नार्मलाइजेशन फार्मूला लागू किया जाएगा। सभी अभ्यर्थी पारा शिक्षक हैं। उनके लिए 2734 सीट आरक्षित थी। नार्मलाइजेशन लागू करने वजह से मात्र 276 अभ्यर्थी ही चयनित हुए हैं। 2200 से ज्यादा सीट रिक्त हैं।
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