
सदन में सकारात्मक संवाद की परंपरा को और मजबूत करें : स्पीकर
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का समापन भाषण, विचारों की कठोरता भाषा की कठोरता में परिवर्तित न हो
रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड विधानसभा का चतुर्थ शीतकालीन सत्र गुरुवार को संपन्न हुआ। 6 दिसंबर से 11 दिसंबर तक चले इस सत्र के समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने विस्तृत रूप से सत्र की कार्यवाही और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विधायी एवं वित्तीय कार्य संपादित किए। उन्होंने शीत सत्र के दौरान सदन में हुई कुछ घटनाओं की ओर भी सदस्यों का ध्यान आकर्षित कराया। कहा-कई बार तीखी राजनीतिक बहसों के बीच कुछ कठोर या असंगत शब्दों का प्रयोग हुआ, जो हमारी संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं कहा जा सकता।
लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन विचारों की कठोरता, भाषा की कठोरता में परिवर्तित न हो। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्पीकर ने सदस्यों से अनुरोध करते हुए कहा आने वाले सत्रों में हम-सब मिलकर सदन की गरिमा, शालीनता और सकारात्मक संवाद की परंपरा को और मजबूत करें। इस सत्र में हुई चर्चाएं, प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, संकल्प तथा विभिन्न विधायी प्रक्रियाएं झारखंड के विकास, को गति देने में निश्चित रूप से सहायक होंगी। उन्होंने सदस्यों से कहा कि इस सत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सरकार की ओर से प्रस्तुत द्वितीय अनुपूरक बजट का पारित होना रही। इस अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है। यह निर्णय राज्य सरकार की सामाजिक-न्याय, पोषण, महिला-सशक्तिकरण और बाल अधिकारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। 301 प्रश्न स्वीकार किए गए स्पीकर ने कहा कि सत्र के दौरान कुल 301 प्रश्न स्वीकार किए गए, जिनमें से 121 अल्पसूचित, 148 तारांकित और 32 अतारांकित प्रश्न शामिल रहे। इनमें से अल्पसूचित 118 तथा तारांकित 147 प्रश्नों के उत्तर विभागों से प्राप्त हुए। अल्पसूचित 03, तारांकित 01 तथा अतारांकित 32 प्रश्नों के उत्तर विभागों के पास लंबित हैं। इस सत्र में कुल 129 शून्यकाल प्राप्त हुए, जिसमें से 94 सदन में पढ़ी गई। प्रश्नों के माध्यम से जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखा गया। स्पीकर ने कहा सत्र के दौरान कुल 42 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 20 स्वीकृत हो पायीं, 12 का उत्तर सदन में प्राप्त, 01 सूचना अप्रस्तुत और 07 सूचनाएं प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति को सुपुर्द की जाएंगी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सदन की संसदीय गतिविधियां जनसरोकारों के प्रति काफी सक्रिय और उत्तरदायी हैं। इसके अतिरिक्त, इस सत्र में कुल 39 गैर-सरकारी संकल्प सदन के समक्ष आए, जो इस बात का प्रमाण हैं कि विभिन्न दलों के माननीय सदस्यों द्वारा जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को गंभीरता से उठाया गया। सभा की कार्यवाही अनिश्चिकाल तक के लिए स्थगित स्पीकर ने सभी के प्रति आभार जताते हुए क्रिसमस, नव वर्ष 2026 तथा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक सोहराय पर्व, बंधना-खुंटांव, मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमारे राज्य की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और ये पर्व हमें सौहार्द, सहयोग, करुणा और आपसी सम्मान की भावना को अधिक मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाले सेतु हैं। झारखंड में शान्ति, भाईचारा, समृद्धि और सामाजिक एकता को और सुदृढ़ करें। स्पीकर ने शुभकामनाएं देते हुए सभा की कार्यवाही अनिश्चिकाल तक के लिए स्थगित कर दी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




