
सदन की हर आवाज में जनता का स्वर बसता है : रबींद्रनाथ
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र 2025 के पहले दिन अध्यक्ष का संबोधन, कहा-सदन ईंट-पत्थर का भवन नहीं, जनता की आकांक्षाओं का जीवंत मंदिर
रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र 2025 के पहले दिन अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने अपने संबोधन के साथ सदन की कार्यवाही की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि विधानसभा मात्र ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि जनता की आशाओं की धरोहर है, जहां लोकतंत्र अपनी सबसे सुंदर अभिव्यक्ति पाता है। अध्यक्ष ने कहा -सभा की हर आवाज में जनता का स्वर बसता है, यहीं से लोकतंत्र का दीपक हर दिशा में रोशनी देता है। अध्यक्ष महतो ने सत्र की रूपरेखा बताते हुए कहा कि कुल पांच कार्य दिवसों में प्रश्नकाल, विधायी कार्य, द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी, विनियोग विधेयक और गैर-सरकारी सदस्यों के कार्यों को पर्याप्त समय दिया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन सूक्ष्मता, गंभीरता और लोकतांत्रिक भाव के साथ कार्य करेगा। विचारों का इंद्रधनुष ही लोकतंत्र की सुंदरता अध्यक्ष ने जोर दिया कि सदन की गरिमा तब बढ़ती है, जब सभी सदस्य मतभेदों के बावजूद संवाद की पवित्रता को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विचारों के विविध रंगों से ही सदन का इंद्रधनुष बनता है, सहमति-असहमति की धाराओं से ही शासन चलता है। उन्होंने सभी दलों से अधिकतम भागीदारी, तथ्यपूर्ण बहस और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। अध्यक्ष ने कहा कि जनता की आशाओं का सम्मान करते हुए यह शीतकालीन सत्र निश्चित रूप से सुचारु, अनुशासित और जनकल्याणकारी सिद्ध होगा। रजत जयंती वर्ष में आत्ममंथन और नए संकल्प रबीन्द्रनाथ महतो ने झारखंड के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने इस रजत जयंती को केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन, विकास यात्रा और नए संकल्पों के रूप में मनाया है। आदिवासी परंपराएं, किसानों का परिश्रम, युवाओं की ऊर्जा और खनिज संपदा ने मिलकर राज्य को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन दूरदराज के गांवों में आधारभूत सुविधाएं, युवाओं के लिए रोजगार, आदिवासी-मूलवासी समुदायों का समावेशी विकास और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में तेजी से बढ़ रहा झारखंड विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड तेज गति से आगे बढ़ेगा। अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास के पथ पर और तेजी से अग्रसर होगा तथा विकास को अधिक न्यायपूर्ण, सतत और सबके लिए सुलभ बनाया जाएगा। अपने संबोधन में स्पीकर ने झारखंड के 25 वर्षों की विकास यात्रा को रेखांकित किया और कहा कि राज्य ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के अवसर बढ़ाने, आदिवासी-मूलवासी समुदायों के समावेशी विकास और दूरस्थ इलाकों में सुविधाओं के विस्तार की चुनौतियों पर सदन को साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।

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