
बोले रांची : राज्य के पास संसाधन, क्षमता जरूरत सामूहिक संकल्प की
संक्षेप: झारखंड में कोयला, लोहा और यूरेनियम जैसे खनिजों की प्रचुरता है। व्यापारियों ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए एक दीर्घकालिक विजन की आवश्यकता है। झारखंड सरकार ने ई-गवर्नेंस, कनेक्टिविटी और निवेश प्रोत्साहन के उपायों से निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। युवा उद्योग हब बनाकर स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है।
रांची, संवाददाता। झारखंड देश के उन राज्यों में है, जो प्राकृतिक संसाधनों से सर्वाधिक संपन्न है। कोयला, लोहा, बॉक्साइट और यूरेनियम जैसे खनिजों ने इसे औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया है। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में झारखंड चैंबर के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से राज्य के संसाधनों का मूल्यवर्धन स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की बात कही। व्यापारियों का कहना है कि झारखंड के पास सबकुछ है। अब जरूरत है उद्योग, शिक्षा और प्रशासन के तालमेल की। आने वाले वर्षों में झारखंड देश का औद्योगिक हब बन सकता है। कहा कि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में सड़क, बिजली और संचार के क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं।

राजधानी रांची, बोकारो, जमशेदपुर और देवघर जैसे शहरों में आधुनिक सड़क नेटवर्क और फ्लाईओवर निर्माण ने औद्योगिक गतिविधियों को गति दी है। व्यापारियों का कहना है कि अब राज्य में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। राज्य सरकार ने जो पहल की है, वे आने वाले समय में बड़े निवेश को आकर्षित करेगी। अन्य राज्यों से सीखकर आगे बढ़ता झारखंड : उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की नीतियों से प्रेरणा लेते हुए झारखंड अब दीर्घकालिक विजन की ओर बढ़ रहा है। सरकार विजन झारखंड 2040 के साथ काम कर उद्योग, पर्यटन, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में नए अवसर तैयार करे। नीति स्थिरता और पारदर्शिता पर ध्यान देने से निवेशक भरोसा मजबूत हुआ है। नीति निर्माण में भागीदारी और संवाद : व्यापारियों ने कहा कि राज्य सरकार अब व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत को नीति निर्माण में प्रत्यक्ष भागीदारी दे रही है। माइनिंग, टेक्सटाइल, स्टार्टअप और आईटी नीति को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपडेट किया जा रहा है। इससे योजनाएं न केवल व्यवहारिक होंगी, बल्कि उद्योगों को जमीनी लाभ भी मिलेगा। पारदर्शी गवर्नेंस और ई-सेवाओं का विस्तार : सिंगल विंडो सिस्टम और ई-गवर्नेंस पोर्टल के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। अब अधिकांश औद्योगिक अनुमतियां ऑनलाइन उपलब्ध हैं। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल झारखंड अभियान से उद्योगों का संचालन अधिक सुगम और भरोसेमंद हुआ है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए कदम : राज्य की कनेक्टिविटी अब लगातार बेहतर हो रही है। रांची और देवघर एयरपोर्ट के विस्तार, बोकारो व धनबाद में हवाई सेवा शुरू करने की योजनाएं और औद्योगिक कॉरिडोर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की पहल राज्य को नई उड़ान दे रही है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और व्यापार को नई गति मिलेगी। निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रोत्साहन: राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को टैक्स राहत, भूमि बैंक और उद्योग अनुकूल नियमों की सुविधा दी जा रही है। उत्तराखंड की तर्ज पर झारखंड सरकार भी टैक्स प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की दिशा में विचार करे। व्यापारियों का मानना है कि इससे झारखंड पूर्वी भारत का प्रमुख निवेश गंतव्य बनेगा। क्योंकि, यहां खनिज संपदाओं की भरमार है। व्यापारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही राज्य का विकास संभव है। औद्योगिक पुनर्जागरण की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता झारखंड के पास कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, यूरेनियम और अन्य खनिजों के अपार भंडार हैं। व्यापारियों का कहना है अब जरूरत है कि एक ऐसे इंडस्ट्रियल मिशन की, जो पारंपरिक खनिज उद्योगों के साथ-साथ नई तकनीक आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दे। रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद जैसे शहरों को इंडस्ट्रियल ग्रोथ हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। विजन झारखंड 2040 से लेकर मिशन 2050 की रूपरेखा बने व्यापारियों ने कहा कि सरकार मिलकर यदि एक दीर्घकालिक विजन झारखंड 2040 तैयार करे, तो आने वाले 25 वर्षों में राज्य को एक योजनाबद्ध औद्योगिक और सामाजिक रूपरेखा मिल सकती है। इस विजन में रोजगार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता के स्पष्ट लक्ष्य तय हों। विजन 2040 को 2050 तक लागू करने के लिए चरणबद्ध मिशन 2050 रूपरेखा बनाई जा सकती है। युवा उद्योग हब बनाकर स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए व्यापारियों ने कहा कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक होगा, जब युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। राज्य में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को नई स्किल्स दी जा सकती है। यदि यह दृष्टिकोण अपनाया गया, तो 2050 तक झारखंड रोजगार सृजन में अग्रणी राज्य बन जाएगा। युवा उद्योग हब बनाकर स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकता है। कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं दी जाएं झारखंड के औद्योगिक विकास की रीढ़ है, उसकी आधारभूत संरचना। जैसे- सड़क, बिजली, रेल, पानी और संचार नेटवर्क। आने वाले 25 वर्षों में राज्य को एक ऐसी स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी की जरूरत है, जो औद्योगिक गलियारों को परिवहन और ऊर्जा से जोड़ सके। रांची को केंद्र बनाते हुए कॉरिडोर सड़क के साथ स्मार्ट इंडस्ट्रियल हाइवे बनाया जा सकता है। हर औद्योगिक क्षेत्र में 24 घंटे बिजली और शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा सकती है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, ड्राई पोर्ट और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं व्यापारिक गति बढ़ाएगी। यदि यह सुधार समय पर लागू हुआ, तो झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता दोगुनी हो जाएगी। संसाधन से तालमेल जरूरी झारखंड में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इन संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य को अपने प्राकृतिक और मानव संसाधनों का सही इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी टाइम-बाउंड नीतियां लागू करनी चाहिए जो पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। स्टेक होल्डर्स की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। -कुणाल अजमानी खनिज उद्योग झारखंड की रीढ़ हैं। अब सरकार को खनिज संसाधनों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण सुनिश्चित करना चाहिए। खनन से जुड़े उद्योगों को ऊर्जा, सड़क और जल सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाए, तो राज्य की जीडीपी में बड़ी बढ़ोतरी होगी। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी इस विजन का मुख्य आधार हो। -रोहित अग्रवाल आईटी, फूड प्रोसेसिंग व हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को प्रोत्साहन दें आने वाले वर्षों में राजधानी रांची को तेजी से विकसित किया जाए, जहां मुलभूत सुविधाओं का कोई आभाव नहीं हो। -राम बांगड़ राज्य में अब तक विकास हुआ है। सड़क से लेकर फ्लाईओवर तक बनाए जाएं। साथ ही बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए। -आनंद ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से झारखंड में व्यापार संचालन बेहद आसान हुआ है। इसे व्यवथित करें। -नवजोत अलंग 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, कृषि और पर्यटन के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति की है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, रोजगार के क्षेत्र में सुाधार हो। -पूनम आनंद छोटे व्यपारियों के लिए सरकार औद्योगिक ईकाईयों का निर्माण करे। इससे छोटे व्यापारियों के साथ राज्य में रोजगार बढ़े। -कुणाल विजयवर्गीय राज्य में खनिज, ऊर्जा और मानव संसाधन तीनों के अपार भंडार हैं। अब इन्हें जोड़कर एक संतुलित औद्योगिक मॉडल तैयार हो। - पूजा ढाढा राज्य में आईटी, फूड प्रोसेसिंग और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को प्रोत्साहन दे, तो हजारों युवतियों को रोजगार मिलेगा। -विनिता सिंघानिया

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