Ranchi News: शिक्षण संस्थानों में लगी अधिकांश सैनेटरी वेडिंग पैड मशीनें खराब
Ranchi News: फोटो है- रांची,संवाददाता। शहर के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा व

Ranchi News: फोटो है- रांची,संवाददाता।
शहर के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में ही सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वेडिंग पैड मशीन लगाए गए है। लेकिन रांची के कई प्रमुख महिला शिक्षण संस्थानों में लगी इन मशीनें लंबे समय से खराब और बदहाल पड़ी हुई है। जिसवजह से छात्राओं को पीरियड्स के दौरान कैंपस से बाहर जाकर सैनेटरी पैड के लिए भटकने के साथ कई बार अधिक कीमत भी चुकानी पड़ जाती है। अचनाक से महिलाओं के स्वास्थ्य प्रक्रिया में होने वाली मासिक धर्म के दौरान इस प्रकार के संस्थानों में शौचालय में लगे इस सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीन काफी मददगार साबित होती है। लेकिन इनके बंद पड़ने होने से छात्राओं को इससे न सिर्फ परेशानी होती है, बल्कि कई बार उन्हें क्लास छोड़कर बाहर जाना पड़ता है। साथ ही इस प्रकार की परिस्थिति में भाग-दौड़ कर पाना भी मुश्किल-सा होता है। पड़ताल के दौरान हमने चार शिक्षा संस्थानों का हाल जाना जहां पर हमें कुल नौ मशीनें मिली जिनमें केवल दो कार्य करते नजर आई। विभिन्न संस्थानों में लगी अधिकांश मशीनें बंद पड़ी हुई है.
वीमेंस कॉलेज में लगी सैनेटरी पैड की सारी मशीनें बंद
रांची वीमेंस कॉलेज में छात्राओं की सुविधा के लिए कुल 3 सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन इनमें से सभी मशीनें बंद हैं। छात्राओं का कहना है कि अचानक जरूरत पड़ने पर कैंपस में पैड उपलब्ध नहीं होने से उन्हें बाहर की दुकानों पर जाना पड़ता है। साइंस ब्लॉक के आसपास नजदीक में मेडकिल दुकान नहीं होने से विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है की कक्षाओं के दौरान यह स्थिति उनके लिए असहज और परेशानी वाली होती है.
मारवाड़ी महिला कॉलेज में तीन में दो मशीनें ही चालू
अपर बाजार स्थित मारवाड़ी कॉलेज में छात्राओं की सुविधा के लिए कुल तीन सैनेटरी वेंडिंग पैड मशीनें लगाई गई हैं। इनमें से केवल दो मशीनें ही काम कर रही हैं, जबकि एक मशीन बंद है। छात्राओं के बताया की नए बिल्डिंग में केवल एक और पुराने में भी एक ही चालू हैं,इनसे जरूरत पूरी हो जाती है। लेकिन मशीन खराब होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है.
रांची विश्वविद्यालय के कई विभागों में लगे वेंडिंग पैड मशीन खराब
रांची विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में छात्राओं की सुविधा के लिए सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इनमें से कई विभागों के शौचालयों में लगी अधिकांश मशीनें बंद पड़ी हुई हैं। विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों में पढ़ने वाली छात्राओं को जरूरत पड़ने पर पैड के लिए कैंपस से बाहर जाना पड़ता है। साथ ही कैंपस के बाहर भी इस प्रकार की दुकानों के नहीं होने से विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भी मशीन बंद
विश्वविद्यालय में हजारों की संख्या में छात्राएं रोजाना पढ़ाई करने के लिए पहुंचती है,लेकिन चार मंजिला में केवल तीसरी तल पर एक सैनेटरी वेंडिंग पैड मशीन लगी हुई है। लेकिन यह मशीन भी पिछले कई वर्षों से काम नहीं कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं को जरूरत के समय सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावी नहीं रह गई है.
कॉलेज और एनजीओ की है देखरेख की जिम्मेदारी
कॉलेजों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों की देखरेख की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन के साथ संबंधित एनजीओ की भी है। मशीनों के खराब होने पर उनकी मरम्मत और नियमित संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी दोनों पर है। लेकिन कई जगह मशीनें खराब होने के बाद लंबे समय तक ठीक नहीं हो पा रही हैं। इससे केवल छात्राओं को ही नहीं बल्कि योजना का उद्देश्य भी काफी प्रभावित हो रहा है.
जरूरत के समय नहीं मिल पाता पैड- छात्राएं
छात्राओं का कहना है कि पीरियड्स के दौरान अचानक सैनिटरी पैड की जरूरत पड़ने पर कॉलेज परिसर में इसकी सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। मशीनें बंद रहने से उन्हें बाहर की दुकानों से पैड खरीदना पड़ता है। साथ ही आसपास मेडिकल दुकानें उपलब्ध नहीं होने की वजह से कफी परेशानी होती है.
- गोसिया परवीन,विद्यार्थी
कॉलेज के पूरे कैंपस में केवल एक ही मशीन लगी हुई है। लेकिन उसकी न जानकारी है न ही मशीन कार्य करती है। मोरहाबादी कैंपस के आसपास दुकान तक की सुविधा नहीं होने की वजह से जरूरत के समय ऑनलाइन बुक कर मंगवाना पड़ जाता है। कॉलेज में लगी हुई मशीनों की नियमित जांच की जानी चाहिए। ताकि छात्रों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े.
- निशा साहू,विद्यार्थी
कॉलेज में अबतक छात्राओं की ओर से शिकायत मेरे पास नहीं पहुंची थी। लेकिन इस मामले पर त्वरित करवाई करते हुए सभी मशीनों को तुरंत ठीक किया जाएगा। ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। ऐसे विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कॉलेज के कांउटर में पैड की सुविधा उपलब्ध है छात्राएं खरीद सकती है.
- रेणु कुमारी,उप-प्राचार्य , रांची वीमेंस कॉलेज
कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुविधा के लिए सैनेटरी पैड मशीनें लगाई गई है। छात्राओं के द्वारा इनका प्रयोग भी किया जाता है। इनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों के पास पांच रूपए की सिक्कों का पैकेट पर उपलब्ध कराया जाता है। ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। एक मशीन खराब है,जिसके मरम्मत को लेकर एनजीओ से संपर्क की जा चुकी है। ताकि छात्राओं को परिसर में ही सैनिटरी पैड उपलब्ध हो सके.
- मनोज कुमार , प्राचार्य , मारवाड़ी कॉलेज


