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15 जनवरी, 2021|1:41|IST

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रांची रेलमंडल के आइसोलेशन वार्ड का नहीं हो सका इस्तेमाल

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रांची। संवाददाता

सात माह हटिया रेलवे यार्ड में खड़ी आइसोलेशन कोच वार्ड को सामान्य कोच में बदलने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। कोरोना संक्रमण के पिक आवर में पूरे देशभर में रेलवे प्रशासन के निर्देश पर हर मंडल में आपातकाल से निपटने के लिए सामान्य बोगी को आइसोलेशन वार्ड के रूप तब्दील किया गया था। इसी क्रम में रांची रेलमंडल में भी 60 कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। परंतु इस चिकित्सकीय कोच का उपयोग नहीं हो पाया। अब इसे दोबारा यार्ड में सामान्य कोच में बदली करना शुरू कर दिया गया है।

480 बेड की सुविधा के साथ बनी यह चलता-फिरता वार्ड :

एक कोच में आठ बेड की सुविधा दी गई थी। इसमें 480 बेड थे। इसके अलावा हर बेड को एक कमरे के रूप में तब्दील किया गया था और डस्टबिन, बाथरूम, जमीन पर हरा रंग का कॉरपेट तक बिछाया गया था। इसके अलावा पारा मेडिकल स्टॉफ के रहने व बैठने की भी व्यवस्था दी। कोच की खिड़कियों को जालीदार कवर से ढका गया था। यह कोच अप्रैल माह में बनकर तैयार हो गया था। परंतु इसका उपयोग नहीं हो पाया।

रेलवे ने किया था अपने मैन पावर का उपयोग :

रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस आइसोलेशन वार्ड के निर्माण में खर्च ज्यादा नहीं हुआ था। इसके लिए उन्होंने अपने ही मैन पावर का उपयोग किया था।

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  • Web Title:Isolation wards of Ranchi Rail Division could not be used