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झारखंडी जायके के कायल हुए सिक्किम के युवा

झारखंडी जायके के कायल हुए सिक्किम के युवा

संक्षेप:

रांची में होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) ने ‘मेरा युवा भारत’ कार्यक्रम के तहत एक विशेष फूड एक्सचेंज कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें झारखंड और सिक्किम के 40 युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और व्यंजन प्रस्तुत किए गए। प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने मडुआ की पौष्टिकता और झारखंड के पर्यटन स्थलों पर चर्चा की।

Feb 02, 2026 04:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, विशेष संवाददाता। होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम), रांची में सोमवार को ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत), युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार एक विशेष फूड एक्सचेंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माय भारत केंद्र संगठन, रांची के सहयोग से आयोजित इस अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में झारखंड के युग्मित राज्य सिक्किम के 40 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला युवा अधिकारी रोशन कुमार, विवेकानंद यूथ केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल और आईएचएम रांची के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार उपस्थित थे। सिक्किम से आए युवाओं का स्वागत झारखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर की थाप और स्वागत गीतों से किया गया।

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संस्थान के विद्यार्थियों ने झूमर और सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। जवाब में सिक्किम के युवाओं ने भी अपने राजकीय गीत और पारंपरिक नृत्य पेश कर समां बांध दिया। जनजातीय जीवनशैली से अवगत कराया आईएचएम रांची के तृतीय वर्ष के छात्र आदित्य कुमार सिंह ने सिक्किम के युवाओं को झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों, समृद्ध पर्यटन, हस्तशिल्प और जनजातीय जीवनशैली से अवगत कराया। उन्होंने राज्य की विविध जनजातियों की परंपराओं और उनके सांस्कृतिक महत्व को पर्यटन से जोड़ते हुए विस्तृत जानकारी साझा की। सिक्किम के युवाओं ने संस्थान के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और आतिथ्य व सेवा क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। फूड एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत उन्होंने झारखंड के प्रसिद्ध व्यंजनों- धुस्का, आलू-चने की सब्जी, गोड़ा चाउर भात, छिलका रोटी, फुटकल साग, सरसों-बथुआ साग, कटहल तियान, खस्सी झोर, अरसा पीठा और डूम्बु का स्वाद चखा और इनकी सराहना की। मडुआ की गुणवत्ता और पर्यटन पर चर्चा इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने झारखंड के मोटे अनाज 'मडुआ' की पौष्टिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सिक्किम की तरह ही झारखंड में भी अनेक दार्शनिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं, जो सिक्किम के युवाओं को काफी आकर्षित करेंगे।