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अफीम की खेती का त्याग कर वैकल्पिक खेती के लिए जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश

खूंटी जिले में बढ़ते अफीम की खेती और व्यापार पर रोक लगाने को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में एनसीकोर्ड की बैठक आयोजित की...

अफीम की खेती का त्याग कर वैकल्पिक खेती के लिए जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश
हिन्दुस्तान टीम,रांचीSat, 25 May 2024 01:15 AM
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खूंटी, प्रतिनिधि। खूंटी जिले में बढ़ते अफीम की खेती और व्यापार पर रोक लगाने को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में एनसीकोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इसमें अफीम की खेती व बढ़ते व्यापार पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। हाल के दिनों में पकड़े गए अफीम और डोडा की समीक्षा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अफीम की खेती को त्यागकर वैकल्पिक खेती के लिए ग्रामीणों के बीच जागरुकता अभियान चलाया जाए। साथ ही अफीम की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष नजर रखने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
ओसी व सीओ को अफीम के खिलाफ व्यापक पैमाने पर अभियान चलाने का निर्देश:

उपायुक्त ने थाना प्रभारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से कहा कि योजना बनाकर अफीम की खेती के विरुद्ध ग्रामीण क्षेत्रों व्यापक रुप से जन जागरुकता अभियान चलाया जाना चाहिए। लोगों को ड्रैगनफ्रूट, लेमन ग्रास, ग्रामरोजात्र जरेनियम आदि की खेती के तरीके एवं इनके व्यवसायिक लाभ से अवगत कराया जाना चाहिए। जिले की सीमाओं एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी किया जाना चाहिए। जिससे अफीम एवं डोडा की तस्करी पर रोक लगायी जा सके।

बड़े व्यापारी पुलिस के राडार पर:

हाल के दिनों में खूंटी समेत रांची जिले में अफीम और डोडा के बड़े-बड़े खेप पकड़े गए हैं और कई बड़े अफीम-डोडा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस इस धंधे से जुड़े बड़े माफियाओं तक पहुंचने की जुगत में है। इस क्रम में खूंटी और मुरहू के कई अफीम व्यापारियों के नाम का पता भी पुलिस को चला है। जल्द ही जिले में अफीम और डोडा व्यापारियों के खिलाफ अभियान चलाए जाने की संभावना है।

अफीम की खेती के कारण बीमार पड़नेवालों की संख्या बढ़ी:

जिले में अफीम की खेती के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब गांवों से किडनी के मरीज सामने आने लगे हैं। वहीं नाबालिग बच्चियों का डिलेवरी सदर सरकारी अस्पतालों में हो रहे हैं। इस संबंध में जिले के सिविल सर्जन डॉ नागेश्वर मांझी द्वारा लगातार जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

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