डोरंडा कॉलेज में विभाजन की विभीषिका को छात्रों ने करीब से जाना

डोरंडा कॉलेज में विभाजन की विभीषिका को छात्रों ने करीब से जाना

संक्षेप:

रांची में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने डोरंडा कॉलेज के सहयोग से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर व्याख्यान और प्रदर्शनी का आयोजन किया। कुलपति डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने विविधता में एकता की बात...

Aug 14, 2025 07:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, वरीय संवाददाता। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के क्षेत्रीय केंद्र ने डोरंडा कॉलेज के सहयोग से कॉलेज सभागार में गुरुवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर व्याख्यान और प्रदर्शनी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता में है। धार्मिक घृणा को बढ़ावा न देने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने सभी मान्यताओं के प्रति परस्पर सम्मान, विश्लेषणात्मक सोच तथा आधुनिक वैज्ञानिक विचारों के प्रति खुलेपन को प्रोत्साहित किया। विभाजन के साक्षी रहे अतिथि पद्मश्री बलबीर दत्त ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों का एक मार्मिक वृत्तांत छात्रों के साथ साझा किया।

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रावलपिंडी में जन्मे बलबीर दत्त ने कहा कि जहां युवा पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने के लिए भाग्यशाली हैं, वहीं उनकी पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता को प्रत्यक्ष रूप से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने जलियांवाला बाग जैसी अनगिनत त्रासदियों को स्मरण करने और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। कार्यक्रम का संचालन जेवियर्स कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ कमल कुमार बोस ने किया। समापन सुमेधा सेनगुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मौके पर इंदिरा गांधी केंद्र के डॉ कुमार संजय झा सहित शिक्षकगण मौजूद थे।