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विकसित राज्यों के समकक्ष न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी उचित नहीं: चैंबर

न्यूनतम मजदूरी की दरों में की गई बढ़ोत्तरी को संशोधित करने के चैंबर के आग्रह पर मंगलवार को श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा श्रमायुक्त झारखंड...

विकसित राज्यों के समकक्ष न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी उचित नहीं: चैंबर
हिन्दुस्तान टीम,रांचीTue, 14 May 2024 09:45 PM
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रांची, संवाददाता। न्यूनतम मजदूरी की दरों में की गई बढ़ोत्तरी को संशोधित करने के चैंबर के आग्रह पर मंगलवार को श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा श्रमायुक्त झारखंड की अध्यक्षता में गठित उप समिति की विभागीय कार्यालय में बैठक हुई। इस बैठक में झारखंड चैंबर का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दरों में बढ़ोत्तरी को अव्यवहारिक बताते हुए कई तर्क दिए। चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि विकसित राज्यों के समकक्ष हमारे राज्य में दर का निर्धारण किया गया है जो उचित नहीं है। इसलिए इसमें संशोधन की जरूरत है।
उन्होंने कहा, राज्य में किसी भी स्थिति में न्यूनतम मजदूरी की दर में 5 फीसदी से अधिक बढ़ोत्तरी नहीं की जाय। विभाग की चिंता वर्तमान में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या के समाधान की होनी चाहिए। ताकि लोगों का विकास संभव हो। वहीं, अन्य सदस्यों ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी दर, बॉस्केट ऑफ कमोडिटीज़ के प्राइज इवैल्यूएशन से निर्धारित होता है। अलग-अलग राज्यों में यह भिन्न-भिन्न हो सकता है तो दूसरे राज्यों का न्यूनतम मजदूरी दर का संदर्भ बिंदु हो सकता है, बेंचमार्क नहीं। महासचिव परेश गट्टानी और रोहित पोद्दार ने संयुक्त रूप से कहा कि दर में बढ़ोत्तरी का आधार भी स्पष्ट नहीं किया गया है। प्रस्तावित बढ़ोत्तरी को प्रभावी करने से उद्योग जगत के समक्ष नई चुनौतियां खडी हो जायेंगी तथा कई छोटे-मोटे उद्योग बंद के कगार पर आ जायेंगे जिस कारण बेरोजगारी और बढ़ेगी।

बैठक में उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव शैलेष अग्रवाल, अमित शर्मा, आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्री एसोसिएशन, जेसिया, रिफ्रैक्टरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा यूनियन संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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