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17 अक्तूबर, 2020|7:44|IST

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हूल क्रांति ने स्वाधीनता संग्राम की नींव रखी: डॉ मुंडा

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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की ओर से मंगलवार को हूल दिवस पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने की। वीर शहीद सिदो-कान्हू के योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने कहा कि झारखंड की संस्कृति सामाजिक समरसता की रही है। अंग्रेजों की दमनकारी नीति ने जब यहां की संस्कृति और सामाजिक समरसता पर प्रहार किया, तो हूल क्रांति के बीज फूटे। उन्होंने कहा कि हूल क्रांति सिर्फ संतालों की नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय स्वाधीनता संग्राम की नींव रखी। सीयूडीसी डॉ अजय चौधरी ने कहा कि हूल क्रांति अंग्रेजी की दमनकारी नीति के विरुद्ध थी। कार्यक्रम में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के समन्वयक डॉ विनोद कुमार, वित्त पदाधिकारी डॉ एनएन ओझा, प्रो रामदास उरांव, डॉ जुरन सिंह मानकी समेत अन्य मौजूद थे।

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  • Web Title:Hul Kranti laid the foundation for freedom struggle Dr Munda